फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Aja Ekadashi 2023: अजा एकादशी पर बन रहे हैं 2 शुभ संयोग, जानें मुहूर्त, महत्व, पारण का समय और पूजा विधि

Fri, 08 Sep 2023 12:00 AM IST
श्वेता सिंह धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
1 of 5
aja ekadashi kab hai - फोटो : अमर उजाला
Aja Ekadashi 2023: हिंदू शास्त्रों के अनुसार हर व्रत का अपना महत्व और लाभ होता है। ऐसा माना जाता है कि व्रत रखने से भगवान का दिव्य आशीर्वाद मिलता है और भक्तों पर सुख और समृद्धि की वर्षा होती है। सभी व्रतों में एकादशी व्रत का बहुत ही महत्वपूर्ण स्थान है। हर वर्ष 24 एकादशियां  होती हैं। भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी या 11वें दिन को अजा एकादशी मनाई जाती है। इस बार 10 सितंबर, रविवार को अजा एकादशी पड़ रही है। इस दिन भगवान विष्णु की पूजा की जाती है और उन्हें समर्पित व्रत रखा जाता है। इस व्रत को करने से सभी पापों से मुक्ति मिलती है और सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं। दृक पंचांग के अनुसार, इस साल अजा एकादशी के दिन 2 खास संयोग बनने जा रहा है। आइए जानते हैं कि अजा एकादशी का व्रत कब रखा जाएगा? व्रत के नियम क्या हैं और इसके लिए शुभ मुहूर्त क्या है।
विज्ञापन

2 of 5
Lord Vishnu - फोटो : iStock
अजा एकादशी 2023 कब है?
साल 2023 में अजा एकादशी व्रत 10 सितंबर, रविवार को है।
एकादशी तिथि प्रारंभ: 09 सितंबर 2023 को शाम 07:17 बजे से
एकादशी तिथि समाप्त: 10 सितंबर 2023 को रात 09:28 बजे
पारण का समय 11 सितंबर: प्रातः 06:04 बजे से प्रातः 08:33 बजे तक
विज्ञापन

3 of 5
भगवान विष्णु के मंदिर - फोटो : iStock
अजा एकादशी 2023 पर बन रहे ये 2 शुभ संयोग
इस साल अजा एकादशी के दिन दो शुभ संयोग बन रहे हैं। पहला रवि पुष्य योग और दूसरा सर्वार्थसिद्धि योग है। 
रवि पुष्य योग: सायं 05: 06 मिनट से अगले दिन  प्रातः  06:0 4 मिनट तक 
सर्वार्थ सिद्धि योग: सायं 05: 06 मिनट से 11 सितंबर प्रातः 06 बजकर 04 मिनट तक 

4 of 5
vishnu bhagwan - फोटो : istock
अजा एकादशी व्रत का महत्व और लाभ
अजा एकादशी के दिन भगवान विष्णु की पूजा की जाती है और इससे उनका आशीर्वाद प्राप्त होता है। इस व्रत को करने से भक्तों को भूत-प्रेतों के भय से मुक्ति मिलती है। मान्यता है कि इस व्रत को करने से मोक्ष की प्राप्ति होती है। मान्यता है कि इस दिन अजा एकादशी व्रत कथा सुनने और व्रत रखने से अश्वमेघ यज्ञ करने से मिलने वाले लाभ के समान लाभ मिलता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
vishnu bhagwan - फोटो : istock
अजा एकादशी पूजा विधि
  • अजा एकादशी एक ऐसा त्योहार है जिसमें व्रत नियम और अनुष्ठान के साथ रखा जाता है।
  • एकादशी के दिन सुबह सूर्योदय से पहले स्नान कर लें।
  • पूजा स्थल को साफ करें और भगवान विष्णु की मूर्ति स्थापित करें।
  • पूरी श्रद्धा से व्रत करने का संकल्प लें।
  • कुछ पूजा सामग्री जैसे फूल, नारियल, सुपारी, फल, लौंग, अगरबत्ती, घी, पंचामृत भोग, तेल का दीपक तुलसी, दाल, चंदन आदि रखना जरूरी है।
  • फिर भगवान विष्णु की पूजा करें और भोग लगाएं। सुबह-शाम आरती करें।
  • अजा एकादशी अत्यंत फलदायी मानी गई है इसलिए इसकी व्रत कथा पढ़ें।
  • कुछ भक्त पूरी रात जागते हैं और भगवान को समर्पित भक्ति गीत, भजन और कीर्तन गाते हैं।
  • द्वादशी के दिन सुबह गरीबों और ब्राह्मणों को भोजन कराएं और दक्षिणा दें।
  • इसके बाद फल कहकर व्रत का पारण करें। 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें