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Adhika Masik Durgashtami 2026: अधिकमास मासिक दुर्गाष्टमी आज, जानिए महत्व, शुभ मुहूर्त और पूजा विधि

Sat, 23 May 2026 06:19 AM IST
Shweta Singh धर्म डेस्क, अमर उजाला

सार

23 मई 2026 को अधिक मासिक दुर्गाष्टमी का पावन पर्व मनाया जाएगा। शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि पर मां दुर्गा की पूजा का विशेष महत्व होता है। जानिए इस तिथि का महत्व और पूजा विधि

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अधिकमास दुर्गा अष्टमी - फोटो : amar ujala

Adhikmas Durga Ashtami Importance: अधिक मास शुरू होने के साथ ही अधिक मासिक दुर्गाष्टमी का महत्व और भी बढ़ जाता है, क्योंकि यह दिन मां दुर्गा की विशेष आराधना के लिए अत्यंत पवित्र माना जाता है। हिंदू पंचांग के अनुसार अधिक मास को एक अतिरिक्त और शुभ महीना माना जाता है, जिसमें भक्ति, पूजा-पाठ, दान और साधना का विशेष महत्व होता है। इसी पावन अवधि में आने वाली दुर्गाष्टमी तिथि देवी दुर्गा को समर्पित होती है, जिसमें भक्त शक्ति, सुरक्षा और सुख-समृद्धि की कामना करते हैं। द्रिक पंचांग के अनुसार वर्ष 2026 में अधिक मासिक दुर्गाष्टमी 23 मई को मनाई जाएगी। इस दिन मां दुर्गा की उपासना करने से जीवन में सकारात्मक ऊर्जा और आध्यात्मिक बल की प्राप्ति होती है। यह अवसर भक्तों के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण माना जाता है, जब वे देवी की कृपा प्राप्त करने हेतु व्रत और पूजा-अर्चना करते हैं।
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अधिक मासिक दुर्गाष्टमी शुभ समय - फोटो : Adobe Stock

अधिक मासिक दुर्गाष्टमी शुभ समय
ज्येष्ठ माह अधिमास शुक्ल पक्ष अष्टमी तिथि प्रारंभ- 23 मई, प्रातः 05:04 बजे
ज्येष्ठ माह अधिमास शुक्ल पक्ष अष्टमी तिथि समाप्त- 24 मई,  प्रातः 04:27 बजे
अभिजीत मुहूर्त- सुबह 11:51 - दोपहर 12:45
ब्रह्म मुहूर्त- सुबह 04:04 - सुबह 04:45

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अधिक मासिक दुर्गाष्टमी क्या है? - फोटो : Adobe Stock

अधिक मासिक दुर्गाष्टमी क्या है?
अधिक मासिक दुर्गाष्टमी वह विशेष तिथि होती है जब शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि अधिक मास के दौरान पड़ती है। सामान्य रूप से दुर्गाष्टमी हर महीने शुक्ल पक्ष की आठवीं तिथि को आती है और इसे मां दुर्गा की आराधना के लिए बेहद शुभ माना जाता है। लेकिन जब यही अष्टमी अधिक मास में आती है, तो इसका धार्मिक महत्व और भी बढ़ जाता है और इसे अधिक मासिक दुर्गाष्टमी कहा जाता है। अधिक मास को हिंदू पंचांग में एक अतिरिक्त महीना माना जाता है, जिसे चंद्र और सौर कैलेंडर के संतुलन के लिए जोड़ा जाता है। यह समय पूरी तरह से भक्ति, साधना और आध्यात्मिक उन्नति के लिए समर्पित माना जाता है। इस अवधि में लोग पूजा-पाठ, व्रत, दान-पुण्य, ध्यान और धार्मिक ग्रंथों के अध्ययन पर अधिक ध्यान देते हैं। इस प्रकार अधिक मासिक दुर्गाष्टमी का दिन भक्तों के लिए विशेष महत्व रखता है, जब वे मां दुर्गा की आराधना करके जीवन में शांति, शक्ति और सकारात्मक ऊर्जा की कामना करते हैं।

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अधिकमास दुर्गाष्टमी पूजा विधि - फोटो : instagram

अधिकमास दुर्गाष्टमी पूजा विधि

  • सुबह स्नान करके स्वच्छ होकर लाल वस्त्र धारण करें और व्रत का संकल्प लें।
  • मां दुर्गा की मूर्ति या चित्र के सामने दीपक जलाएं और संभव हो तो अखंड ज्योति प्रज्वलित करें।
  • देवी को लाल फूल, सिंदूर, फल और मिठाई अर्पित करें।
  • “ॐ दुं दुर्गायै नमः” मंत्र का श्रद्धापूर्वक जाप करें।
  • पूरे दिन भक्ति भाव और ध्यान में समय व्यतीत करें।
  • संध्या के समय पूजा संपन्न करें और मां दुर्गा से आशीर्वाद प्राप्त करें।
  • इसके बाद फलाहार ग्रहण कर व्रत का समापन करें।

डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।
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