पृथ्वी पर जन्म लेने वाले प्रत्येक जीव की एक आयु होती जिसमें वह पांच अवस्थाओं से गुजरता है, लेकिन क्या आपको पता है कि मनुष्य और पशु-पक्षियों की भांति ज्योतिष में ग्रहों की भी आयु बताई गई है। वैदिक ज्योतिष के अनुसार किसी भी राशि में प्रत्येक ग्रह की एक आयु होती हैै। जिसमें मनुष्य के जीवन की तरह ग्रहों की भी पांच अवस्थाएं बाल्यावस्था, किशोरावस्था, यौवनावस्था, प्रौढ़ावस्था, वृद्धावस्था होती है। यह अवस्थाएं राशि में उसके अंश के अनुसार उपस्थिति से तय की जाती हैं। प्रत्येक ग्रह अपनी अवस्था के अनुसार फल प्रदान करते हैं और इसका प्रभाव मनुष्य के स्वभाव पर भी पड़ता है।