सांकेतिक तस्वीर
उम्र को काटने वाला पांचवा तलवार स्वार्थ है। विदुर जी कहते हैं कि स्वार्थ में मनुष्य बड़े से बड़ा पाप करने में लज्जा का अनुभव नहीं करता है। स्त्री, धन और जमीन इन स्वार्थों की पूर्ति के लिए लोग युद्ध के मैदान में पहुंच जाते है और जीवन का अंत कर लेते हैं। महाभ्ाारत इस बात का उदाहरण्ा है। छठा कारण है मित्रों के साथ धोखा और बेईमानी। शास्त्रों में दोस्तों के साथ धोखा करने वाले को अधम यानी नीच मनुष्य कहा गया है। ऐसे मनुष्य पर यमराज बहुत क्रोधित होते हैं और इन्हें कठोर दंड देते हैं।
मृत्यु-दोष दूर करने के लिए कराएं महामृत्युंजय मंत्र के 11000 जाप। अभी आर्डर करें। (विज्ञापन)