शनिवार, 9 नवंबर को त्रोयदशी व्रत यानी प्रदोष व्रत रखा जाएगा। इस बार त्रोयदशी तिथि शनिवार के दिन पड़ रही है, जिससे विशेष संयोग बन रहें है। त्रोयदशी व्रत अगर शनिवार के दिन हो तो इसे शनि प्रदोष व्रत कहा जाता है। इस साल का यह अंतिम शनि प्रदोष व्रत है, वैसे प्रदोष व्रत के दिन भगवान शंकर की पूजा का विधान है, परंतु अगर प्रदोष व्रत शनिवार के दिन पड़ रहा है तो इस दिन भोले शंकर के साथ साथ शनि देव कि पूजा भी की जाती है। जिस वजह से इस व्रत को शनि प्रदोष व्रत भी कहा जाता है। अगले साल 2020 के पहले महीने में ही शनि मकर राशि में प्रवेश कर जाएंगे, जिससे वृश्चिक राशि के जातक साढ़े साती से मुक्त हो जाएंगे और कुंभ राशि के जातकों पर साढ़ेसाती का प्रभाव शुरू हो जाएगा। इस शनि प्रदोष व्रत में आप अगर शनि को मना लेंगे तो आने वालो वर्ष में शनि आपके कष्टों को कम कर देंगे। आइए आज जानते हैं, इस दिन किन उपायों को करने से होता है फायदा...