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जगन्नाथ रथ यात्रा से जुड़ी ये 5 रोचक बातें शायद ही जानते होंगे आप

Mon, 09 Jul 2018 04:27 PM IST
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला
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हिंदू धर्म में जगन्नाथपुरी का वर्णन स्कन्द पुराण, नारद पुराण, पद्म पुराण और ब्रह्म पुराण में कई जगह किया गया है। जिसमें बताया गया है कि कई पारंपरिक वाद्ययंत्रों की ध्वनि के बीच विशाल रथों को सैकड़ों लोग मोटे-मोटे रस्सों से खींचते हैं। बता दें, सबसे पहले भाई बलराम जी का रथ प्रस्थान करता है। जिसके थोड़ी देर बाद बहन सुभद्रा जी का रथ चलना शुरू होता है।अंत में लोग जगन्नाथ जी के रथ को बड़े ही श्रद्धापूर्वक खींचते हैं।

माना जाता है कि जो लोग इस दौरान एक दूसरे को सहयोग देते हुए रथ खींचते हैं उन्हें मोक्ष की प्राप्ति होती है। भगवान जगन्नाथ की ये रथ यात्रा 9 दिनों तक चलती है। यह त्योहार खासतौर पर ओडिशा के पुरी में धूम-धाम से मनाया जाता है। आइए जानते हैं पुरी की इस रथ यात्रा से जुड़ी ऐसी अनोखी बातें जिनके बारे में अब तक शायद ही आपने कभी सुना होगा। 
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बारिश-
इस बात पर शायद ही किसी ने गौर किया हो कि भगवान जगन्नाथ देव की रथ यात्रा के दिन बारिश जरूर होती है। आज तक कभी भी ऐसा नहीं हुआ कि इस दिन बारिश न हुई हो।भगवान की यात्रा का ये उत्सव आषाढ़ शुक्ल पक्ष के दूसरे दिन मनाया जाता है।
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राजा करता है सफाई-
जब से जगन्नाथ रथयात्रा आरंभ हुई है तब से ही राजाओं के वंशज पारंपरिक ढंग से सोने के हत्थे वाली झाडू से भगवान जगन्नाथ जी के रथ के सामने झाडु लगाते हैं। जिसके बाद मंत्रोच्चार एवं जयघोष के साथ रथयात्रा शुरू की जाती है। हालांकि अब भारत में कोई राजा नहीं होने की वजह से खास पुरी में एक 'Official' राजा बनाया गया हैं जो मंदिर के बाहर का रास्ता सोने से बने पोछे से साफ करता है. इसके बाद ही भगवान को मंदिर से निकाला जाता है। 

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इकलौते चलते-फिरते भगवान- 
भारत ही नहीं बल्कि दुनियाभर में ये ऐसा त्यौहार है जहां भगवान खुद ही घूमने निकल जाते हैं।जिनकी रथ यात्रा में भारी संख्या में लोग मौजूद होते हैं।
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Poda Pitha
पोड़ा पीठा- 
माना जाता है कि भगवान जग्गनाथ रस्ते में एक बार अपना पसंदीदा पोड़ा पीठा खाने के लिए जरूर रुकते हैं। ओडिसा में बनने वाले इस मीठी डिश को आपको भी जरूर टेस्ट करना चाहिए।
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नारियल की लकड़ी का रथ-
भगवान जगन्नाथ, बलभद्र, व सुभद्रा के रथ नारियल की लकड़ी से बनाए जाते है। ऐसा इसलिए किया जाता है क्योंकि ये लकड़ी हल्की होती है। भगवान जगन्नाथ के रथ का रंग लाल और पीला होता है। इसके अलावा यह रथ बाकी रथों की तुलना में भी आकार में बड़ा होता है। उनकी यात्रा बलभद्र और सुभद्रा के रथ के पीछे होती है।
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घोड़ों का रंग-
भगवान जगन्नाथ के रथ के घोड़ों का रंग सफेद, सुभद्रा के रथ के घोड़ों का रंग कॉफी व बलरामजी के रथ के घोड़ों का रंग नीला होता है।
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