हिंदू धर्म में जगन्नाथपुरी का वर्णन स्कन्द पुराण, नारद पुराण, पद्म पुराण और ब्रह्म पुराण में कई जगह किया गया है। जिसमें बताया गया है कि कई पारंपरिक वाद्ययंत्रों की ध्वनि के बीच विशाल रथों को सैकड़ों लोग मोटे-मोटे रस्सों से खींचते हैं। बता दें, सबसे पहले भाई बलराम जी का रथ प्रस्थान करता है। जिसके थोड़ी देर बाद बहन सुभद्रा जी का रथ चलना शुरू होता है।अंत में लोग जगन्नाथ जी के रथ को बड़े ही श्रद्धापूर्वक खींचते हैं।
माना जाता है कि जो लोग इस दौरान एक दूसरे को सहयोग देते हुए रथ खींचते हैं उन्हें मोक्ष की प्राप्ति होती है। भगवान जगन्नाथ की ये रथ यात्रा 9 दिनों तक चलती है। यह त्योहार खासतौर पर ओडिशा के पुरी में धूम-धाम से मनाया जाता है। आइए जानते हैं पुरी की इस रथ यात्रा से जुड़ी ऐसी अनोखी बातें जिनके बारे में अब तक शायद ही आपने कभी सुना होगा।