आज कार्तिक कृष्ण चतुर्थी तिथि है। इस दिन नहाय खाय के साथ छठ पर्व की शुरुआत हो जाती है। इस दिन छठ व्रत रखने वाले व्रती नदी या तालाब में स्नान करके सूर्य भगवान की पूजा करते हैं और छठ व्रत सफलता पूर्वक पूरा हो इसकी कामना करते हैं।
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नहाय खायः कद्दू और सरसों के साग से क्यों शुरु होता छठ पर्व
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इसके बाद कद्दू और सरसों के साग की सब्जी खाकर व्रत आरंभ करते हैं। इसलिए इस दिन को नहाय खाय कहा जाता है। इस व्रत का आरंभ कद्दू और सरसों के साग से होता है इसका धार्मिक कारण यह है कि कद्दू और सरसों के साग को शुद्घ और सात्विक माना गया है।
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नहाय खायः कद्दू और सरसों के साग से क्यों शुरु होता छठ पर्व
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धर्म के अलावा सरसों का साग और कद्दू खाने का वैज्ञानिक आधार भी है। कद्दू सुपाच्य होता है। जिससे व्रती के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ता है। जबकि सरसों का साग खाने का रिवाज इसलिए है क्योंकि इसकी तासीर गर्म होती है।