निर्जला एकादशी महत्व
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महत्व
निर्जला एकादशी का व्रत बिना जल ग्रहण किए रखा जाता है, इसलिए इसे सबसे कठोर व्रतों में गिना जाता है। मान्यता है कि इस एकादशी का व्रत करने से हजार अश्वमेध यज्ञ और सौ सूर्य यज्ञ के समान पुण्य मिलता है। इतना ही नहीं, पूरे वर्ष की सभी एकादशियों का फल भी इस एक व्रत से प्राप्त हो जाता है। पद्म पुराण के अनुसार, इस दिन यदि श्रद्धा से सोना, तिल, भूमि, गाय, अन्न, जल, जूते और छाते का दान किया जाए, तो व्यक्ति को यमलोक के कष्टों का सामना नहीं करना पड़ता।