पुराणों के अनुसार, फाल्गुन की शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा को प्रदोषकाल में हो दहन किया जाता है। लेकिन भद्राकाल,प्रतिपदा, चतुर्दशी के समय होली दहन नहीं करना चाहिए। पूर्णिमा पर भद्रा रहित प्रदोषकाल में होली दहन को अच्छा माना जाता है। होलिका दहन की रात को तंत्र साधना के लिए बढि़या माना जाता है। जिस कारण से इस दिन आपको भूलकर भी ये 5 काम नहीं करना चाहिए।