फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Mahakumbh Snan 2025: कब है महाकुंभ का अगला बड़ा स्नान, जानें तिथि और महत्व

Fri, 24 Jan 2025 01:18 PM IST
ज्योति मेहरा धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

महाकुंभ 2025 का आयोजन 13 जनवरी से 26 फरवरी तक रहेगा, जिसमें विभिन्न महत्वपूर्ण स्नान तिथियों को विशेष धार्मिक महत्व दिया गया है। आइए जानते हैं महाकुंभ में अगला बड़ा स्नान कब है।
विज्ञापन
1 of 5
Maha kumbh 2025 - फोटो : Amar Ujala
Mahakumbh Snan 2025: महाकुंभ स्नान पर्व भारतीय संस्कृति और धार्मिक आस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है, जिसमें दुनिया भर से श्रद्धालु पवित्र त्रिवेणी संगम पर आस्था की डुबकी लगाने आते हैं। इस पर्व की शुरुआत मकर संक्रांति पर अमृत स्नान के साथ होती है। महाकुंभ 2025 का आयोजन 13 जनवरी से 26 फरवरी तक रहेगा, जिसमें विभिन्न महत्वपूर्ण स्नान तिथियों को विशेष धार्मिक महत्व दिया गया है। इन तिथियों पर किए गए स्नान को अमृत स्नान कहा जाता है, जो न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि इसे पाप कर्मों के नाश का साधन भी माना जाता है।
 
विज्ञापन

2 of 5
महाकुंभ 2025 - फोटो : Amar Ujala
महाकुंभ के दौरान अगला बड़ा स्नान 29 जनवरी 2025 को मौनी अमावस्या के अवसर पर होगा। इस दिन का विशेष महत्व है क्योंकि मौनी अमावस्या और कुंभ का संयोग इसे अत्यंत पवित्र बनाता है। धार्मिक मान्यता है कि इस दिन संगम पर अमृत स्नान करने से कई गुना पुण्य फल प्राप्त होता है। 
 
विज्ञापन

3 of 5
मौनी अमावस्या पर स्नान का शुभ मुहूर्त  - फोटो : पीटीआई
मौनी अमावस्या पर स्नान का शुभ मुहूर्त 
मौनी अमावस्या के दिन स्नान और दान का विशेष महत्व है। इस दिन ब्रह्म मुहूर्त सुबह 5:25 बजे से शुरू होकर 6:19 बजे तक रहेगा। इस दौरान स्नान और दान करना अत्यंत शुभ माना गया है। अगर ब्रह्म मुहूर्त में स्नान या दान संभव न हो, तो सूर्योदय से सूर्यास्त तक भी यह किया जा सकता है। यह स्नान व्यक्ति को धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष की प्राप्ति कराने में सहायक होता है।

4 of 5
अन्य अमृत स्नान - फोटो : adobe stock
अन्य अमृत स्नान
महाकुंभ के दौरान स्नान तिथियां ज्योतिषीय गणनाओं और ग्रहों की विशेष स्थिति के आधार पर निर्धारित की जाती हैं। मौनी अमावस्या के बाद, 3 फरवरी 2025 को वसंत पंचमी, 12 फरवरी को माघ पूर्णिमा और 26 फरवरी को महाशिवरात्रि पर अमृत स्नान आयोजित किए जाएंगे। इन दिनों को विशेष धार्मिक महत्व प्राप्त है, और देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु इन तिथियों पर कुंभ मेले में सम्मिलित होते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
महाकुंभ 2025 - फोटो : adobe stock
महाकुंभ का यह आयोजन केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि भारतीय परंपराओं, संस्कृति और आध्यात्मिकता का अद्वितीय उत्सव भी है। इस दौरान श्रद्धालु संगम पर स्नान कर, पूजा-अर्चना कर और विभिन्न धार्मिक गतिविधियों में भाग लेकर आत्मिक शांति और आध्यात्मिक अनुभव प्राप्त करते हैं। कुंभ का यह पवित्र पर्व न केवल पापों का नाश करता है, बल्कि आत्मा को शुद्ध करने का भी अवसर प्रदान करता है।



डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): ये लेख लोक मान्यताओं पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें