योगिनी एकादशी का महत्व
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योगिनी एकादशी का महत्व
योगिनी एकादशी के विषय में पुराणों में एक कथा है। जिसमें हेम नाम का एक माली था। जो काम भाव में लीन होकर ऐसी गलती कर बैठा कि उसे राजा का श्राप मिला, जिससे उसे कुष्ठ रोग हो गया। एक ऋषि ने योगिनी एकादशी का व्रत करने को कहा, जिससे उसका कुष्ठ रोग ठीक हो गया और तभी से इस एकादशी का महत्व है। इस एकादशी के दिन पीपल के पेड़ की पूजा करने से पाप नष्ट होते हैं और मनुष्य के मरने बाद स्वर्ग मिलता है।