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Weekly Festivals 2021 April: इस सप्ताह के व्रत एवं त्योहार, दो ग्रह भी बदलेंगे अपनी राशि

Mon, 05 Apr 2021 10:36 AM IST
रुस्तम राणा ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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इस सप्ताह के प्रमुख व्रत और त्योहार - फोटो : सोशल मीडिया
अप्रैल के इस सप्ताह (5 से 11 अप्रैल) पापमोचनी एकादशी और चैत्र पूर्णिमा जैसे महत्वपूर्ण त्योहार पड़ रहे हैं। इस सप्ताह देवगुरू बृहस्पति और शुक्र देव अपनी राशि बदलेंगे। आइए जानते हैं इस हफ्ते कौन-कौनसे प्रमुख व्रत एवं त्योहार आने वाले हैं..
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पापमोचनी एकादशी 2021 - फोटो : अमर उजाला।
पापमोचनी एकादशी 2021
पापमोचनी एकादशी 7 अप्रैल बुधवार को है। हिन्दू पंचांग के अनुसार, चैत्र कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि को पापमोचनी एकादशी के नाम से जाना जाता है। मान्यता है कि इस दिन जो व्यक्ति पापमोचनी एकादशी व्रत रखता है उसे समस्त प्रकार के पापों से मुक्ति मिलती है।
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चैत्र प्रदोष व्रत - फोटो : सोशल मीडिया
चैत्र प्रदोष व्रत (कृष्ण पक्ष) 2021
चैत्र माह का पहला प्रदोष व्रत (कृष्ण पक्ष) 9 अप्रैल को पड़ रहा है। यह व्रत भगवान शिव का आशीर्वाद पाने के लिए रखा जाता है। यह व्रत प्रति माह में दो बार (कृष्ण और शुक्ल पक्ष में) त्रयोदशी तिथि के दिन रखा जाता है। 

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चैत्र मासिक शिवरात्रि 2021 - फोटो : सोशल मीडिया
चैत्र मासिक शिवरात्रि 2021
चैत्र माह की मासिक शिवरात्रि 10 अप्रैल को है। हिंदू धर्म में महाशिवरात्रि का तो महत्व माना ही जाता है लेकिन हर माह पड़ने वाली शिवरात्रि भी बहुत महत्व रखती है। हिंदू पंचांग के अनुसार, हर माह में कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मासिक शिवरात्रि मनाई जाती है।
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चैत्र अमावस्या 2021 - फोटो : prayagraj
चैत्र अमावस्या 2021
चैत्र अमावस्या 11 अप्रैल को है। हिन्दू कैलेंडर के मुताबिक यह इस साल का अंतिम दिन है। हिन्दू धर्म में अमावस्या तिथि का बड़ा महत्व होता है। पितरों के तर्पण के लिए यह तिथि महत्वपूर्ण होती है। इसलिए उनकी आत्मा की शांति के लिए उपवास एवं पवित्र नदी में स्नान किया जाता है।
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बृहस्पति ग्रह - फोटो : Pixabay
बृहस्पति का कुंभ राशि में गोचर
बृहस्पति ग्रह 6 अप्रैल 2021 मंगलवार को मकर राशि से कुंभ राशि में गोचर करेंगे। इस राशि में देवगुरु बृहस्पति 14 सितंबर तक रहने के बाद वक्री अवस्था में पुनः मकर राशि में प्रवेश कर जाएंगे, जहां 20 नवंबर 2021 तक रहेंगे। उसके बाद पुनः मार्गी अवस्था में कुंभ राशि में प्रवेश कर जाएंगे। देवगुरु बृहस्पति के इस गोचर का प्रभाव सभी राशियों पर शुभ-अशुभ रूप में पड़ेगा।
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शुक्र का मेष राशि में गोचर  - फोटो : Pixabay
शुक्र का मेष राशि में गोचर 
समस्त प्रकार के भौतिक सुखों को प्रदान करने वाले शुक्र देव 10 अप्रैल को मीन राशि से मेष राशि में गोचर कर रहे हैं। इस राशि में शुक्र देव 04 मई 2021 तक स्थित रहेंगे। इसके बाद ये अपनी स्वराशि वृषभ में जाएंगे। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, शुक्र देव वृष और तुला राशि के स्वामी हैं। शुक्र के प्रभाव से मेष राशि के जातकों को शुभ परिणाम मिल सकते हैं। 
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