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विश्वकर्मा पूजा 2026: कब है विश्वकर्मा पूजा? नोट कर लें सही तारीख और शुभ मुहूर्त, जानें पूजा विधि और मंत्र

Sun, 06 Sep 2026 08:47 AM IST
श्वेता सिंह धर्म डेस्क, अमर उजाला

सार

विश्वकर्मा पूजा 2026 का पर्व व्यापार, उद्योग और कामकाज से जुड़े लोगों के लिए बेहद खास माना जाता है। इस दिन भगवान विश्वकर्मा की पूजा के साथ औजारों, मशीनों और कार्यस्थल की विधि-विधान से पूजा की जाती है। मान्यता है कि शुभ मुहूर्त में पूजा करने से काम में सफलता और व्यापार में तरक्की के योग बनते हैं।
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विश्वकर्मा पूजा 2026 - फोटो : amar ujala
Vishwakarma Puja 2026: हर साल कन्या संक्रांति के अवसर पर भगवान विश्वकर्मा की पूजा की जाती है। मान्यता है कि भगवान विश्वकर्मा सृष्टि के दिव्य शिल्पकार और निर्माण कला के अधिष्ठाता देव हैं। इसलिए कारीगरों, शिल्पकारों, इंजीनियरों, फैक्ट्री संचालकों और मशीनों से जुड़े लोगों के लिए यह दिन विशेष महत्व रखता है। इस दिन कार्यस्थल, मशीनों और औजारों की पूजा कर सुख-समृद्धि और काम में सफलता की कामना की जाती है। आइए जानते हैं वर्ष 2026 में विश्वकर्मा पूजा कब मनाई जाएगी, पूजा का शुभ मुहूर्त क्या रहेगा और किस विधि से भगवान विश्वकर्मा की पूजा करनी चाहिए।
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विश्वकर्मा पूजा 2026 - फोटो : amar ujala

कब है विश्वकर्मा पूजा?
वर्ष 2026 में भगवान विश्वकर्मा की पूजा 17 सितंबर 2026, गुरुवार को की जाएगी। यह पर्व कन्या संक्रांति के दिन मनाया जाता है। इस दिन लोग अपने कार्यस्थल की साफ-सफाई करने के बाद भगवान विश्वकर्मा की प्रतिमा या तस्वीर स्थापित करके विधि-विधान से पूजा करते हैं।

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विश्वकर्मा पूजा 2026 - फोटो : amar ujala

पूजा का शुभ मुहूर्त
विश्वकर्मा पूजा के लिए वर्ष 2026 में सुबह 7:58 बजे से दोपहर 12:40 बजे तक का समय शुभ माना गया है। वहीं, अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:51 बजे से दोपहर 12:40 बजे तक रहेगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, अभिजीत मुहूर्त में किए गए शुभ कार्यों का विशेष महत्व होता है। ऐसे में इस अवधि में भगवान विश्वकर्मा की पूजा करना शुभ माना जा सकता है।

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विश्वकर्मा पूजा 2026 - फोटो : amar ujala

पूजा में किन चीजों की जरूरत होगी?
विश्वकर्मा पूजा से पहले पूजा की सभी सामग्री एकत्र कर लेना बेहतर रहता है। पूजा के लिए भगवान विश्वकर्मा की तस्वीर या प्रतिमा के साथ रोली, हल्दी, अक्षत, चंदन, फूल, मौली, सुपारी, पान, लौंग, इलायची, जनेऊ, नारियल, कलश, धूप, दीप, कपूर, घी, फल, मिठाई और नैवेद्य आदि रख सकते हैं। यदि पूजा में हवन किया जाता है तो हवन कुंड, आम की लकड़ी और आवश्यक हवन सामग्री की भी व्यवस्था कर लें। साथ ही जिन औजारों, मशीनों या उपकरणों का इस्तेमाल कार्यस्थल पर होता है, उन्हें भी साफ करके पूजा के लिए तैयार करें।

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विश्वकर्मा पूजा 2026 - फोटो : amar ujala

इस विधि से करें पूजा

  • विश्वकर्मा पूजा के दिन सुबह स्नान करके स्वच्छ कपड़े पहनें।
  • इसके बाद पूजा स्थल और कार्यस्थल की अच्छी तरह सफाई करें।
  • भगवान विश्वकर्मा की तस्वीर या प्रतिमा को चौकी पर साफ कपड़ा बिछाकर स्थापित करें।
  • सबसे पहले भगवान का ध्यान करते हुए दीप प्रज्वलित करें।
  • इसके बाद उन्हें चंदन, हल्दी, रोली, अक्षत, फूल, पान, सुपारी, फल और मिठाई अर्पित करें।
  • पूजा में मौली और अन्य पूजन सामग्री भी अर्पित की जा सकती है।
  • इसके बाद कार्यस्थल पर मौजूद मशीनों, औजारों और उपकरणों की भी पूजा करें।
  • मान्यता है कि ऐसा करने से कामकाज में सकारात्मकता आती है और भगवान विश्वकर्मा का आशीर्वाद प्राप्त होता है।
  • पूजा के दौरान विश्वकर्मा चालीसा या भगवान विश्वकर्मा से जुड़े मंत्रों का जाप करें।
  • अंत में भगवान को भोग लगाकर आरती करें और प्रसाद सभी लोगों में बांटें।
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पूजा में करें इस मंत्र का जाप - फोटो : adobe stock

पूजा में करें इस मंत्र का जाप
भगवान विश्वकर्मा की पूजा के दौरान मंत्र जाप करना शुभ माना जाता है। आप श्रद्धा के साथ इस मंत्र का जाप कर सकते हैं-

  • ॐ आधार शक्तपे नमः।
  • ॐ कूमयि नमः।
  • ॐ अनन्तम नमः।
  • पृथिव्यै नमः।
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विश्वकर्मा पूजा 2026 - फोटो : amar ujala
क्यों खास है विश्वकर्मा पूजा?
विश्वकर्मा पूजा केवल धार्मिक अनुष्ठान तक सीमित नहीं है। यह दिन उन सभी उपकरणों और साधनों के प्रति सम्मान प्रकट करने का अवसर भी माना जाता है, जिनके माध्यम से लोग अपने काम और आजीविका को आगे बढ़ाते हैं। कारीगर, बढ़ई, लोहार, मैकेनिक, इंजीनियर, फैक्ट्री कर्मचारी और विभिन्न प्रकार के तकनीकी कार्यों से जुड़े लोग इस दिन अपने औजारों और मशीनों की पूजा करते हैं। धार्मिक मान्यता के अनुसार, भगवान विश्वकर्मा की कृपा से कार्यक्षेत्र में सफलता, समृद्धि और उन्नति के रास्ते खुल सकते हैं।

डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।
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