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Vinayak Chaturthi 2026: फरवरी में किस दिन रखा जाएगा विनायक चतुर्थी का व्रत, जानें तिथि, मुहूर्त और पूजा विधि

Thu, 19 Feb 2026 01:29 PM IST
ज्योति मेहरा धर्म डेस्क, अमर उजाला

सार

Dhundhiraj Chaturthi 2026: हिंदू पंचांग के अनुसार, हर माह शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि पर विनायक गणेश चतुर्थी का व्रत रखा जाता है। आइए जानते हैं कि फरवरी 2026 में विनायक चतुर्थी कब है, पूजा का शुभ समय क्या रहेगा और वर्जित चंद्र दर्शन का समय कब तक है।
 
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फरवरी 2026 विनायक चतुर्थी - फोटो : Amar Ujala
Vinayak Chaturthi February 2026 Date: हर माह शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि पर विनायक गणेश चतुर्थी का व्रत रखा जाता है। यह दिन भगवान गणेश की आराधना के लिए विशेष माना जाता है। धार्मिक मान्यता है कि चतुर्थी तिथि के अधिष्ठाता स्वयं गणपति हैं। उन्हें बुद्धि, विवेक, सुख-समृद्धि और मंगल के देवता के रूप में पूजा जाता है। प्रथम पूज्य श्रीगणेश की उपासना करने से जीवन के विघ्न दूर होते हैं, कार्यों में सफलता मिलती है और ज्ञान व धन की प्राप्ति होती है। आइए जानते हैं कि फरवरी 2026 में विनायक चतुर्थी कब है, पूजा का शुभ समय क्या रहेगा और वर्जित चंद्र दर्शन का समय कब तक है।

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विनायक चतुर्थी 2026 तिथि - फोटो : freepik
विनायक चतुर्थी 2026 तिथि
फाल्गुन मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी को ढुण्ढिराज चतुर्थी भी कहा जाता है। मत्स्यपुराण में इसे मनोरथ चतुर्थी के नाम से वर्णित किया गया है। इस दिन भगवान गणेश के ढुण्ढिराज स्वरूप की पूजा की जाती है। वर्ष 2026 में विनायक चतुर्थी का व्रत 21 फरवरी, शनिवार को रखा जाएगा।
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चतुर्थी तिथि और पूजा मुहूर्त - फोटो : free pik
चतुर्थी तिथि और पूजा मुहूर्त
दृक पंचांग के अनुसार, चतुर्थी तिथि का आरंभ 20 फरवरी 2026 को दोपहर 2:38 बजे होगा और इसका समापन 21 फरवरी को दोपहर 1 बजे होगा।
मध्याह्न पूजा मुहूर्त 21 फरवरी को सुबह 11: 27 बजे से दोपहर 1 बजे तक रहेगा। मान्यता है कि इस समय गणेश पूजन करने से शीघ्र शुभ फल प्राप्त होते हैं और मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।

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विनायक चतुर्थी पर पूजन विधि - फोटो : freepik
विनायक चतुर्थी पर पूजन विधि
  • प्रातः ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
  • व्रत और पूजा का संकल्प लें।
  • सोना, चांदी, तांबा, पीतल या मिट्टी की गणेश प्रतिमा स्थापित करें।
  • गणेश जी को सिंदूर अर्पित करें और 21 दूर्वा चढ़ाएं।
  • लड्डू या मोदक का भोग लगाएं।
  • “ॐ गं गणपतये नमः” मंत्र या गणेश जी के 12 नामों का जप करें।
  • अन्न, मूंग, वस्त्र या धन का दान जरूरतमंदों को दें।
  • शाम के समय पुनः आरती करें और फिर व्रत खोलें।
  • इस प्रकार विधि-विधान से किया गया विनायक चतुर्थी व्रत जीवन में सुख, शांति और समृद्धि लेकर आता है।
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वर्जित चंद्र दर्शन का समय - फोटो : Freepik
वर्जित चंद्र दर्शन का समय
चतुर्थी तिथि में चंद्र दर्शन वर्जित माना जाता है।
20 फरवरी को दोपहर 2:38 बजे से रात 9:12 बजे तक चंद्र दर्शन से बचें।
21 फरवरी को सुबह 08:56 बजे से रात 10:16 बजे तक चंद्रमा न देखें।

डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।

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