Vat Savitri Vrat 2025
- फोटो : अमर उजाला
काम के दौरान जैसे ही सत्यवान पेड़ पर चढ़ने लगा, तो उसके सिर में दर्द होने लगा और असहनीय पीड़ा के कारण वह सावित्री की गोद में सिर रखकर लेट गया। थोड़ी देर बाद स्वयं यमराज वहां आकर खड़े हो हुए थे। इसके बाद यमराज सावित्री के पति सत्यवान की आत्मा को लेकर दक्षिण दिशा की ओर जाने लगे। फिर सावित्री भी उनके पीछे चलने लगी। इस दौरान यमराज ने सावित्री से कहा, 'हे पतिव्रता नारी! जहां तक मनुष्य साथ दे सकता है, तुमने वहां तक अपने पति का साथ दे दिया लेकिन अब तुम लौट जाओ'.. यमराज की बात सुनकर सावित्री ने उत्तर दिया और कहा कि 'जहां तक मेरे पति जाएंगे, वहां तक मुझे जाना चाहिए। यही सनातन सत्य है'।