Vat Savitri Vrat 2025
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भावना और श्रद्धा है सबसे महत्वपूर्ण
यह समझना ज़रूरी है कि किसी भी पूजा में स्थान या सामग्री से ज़्यादा महत्वपूर्ण होती है आपकी श्रद्धा और भावना। यदि आप सच्चे मन से, आस्था के साथ व्रत करती हैं तो वट वृक्ष की शारीरिक अनुपस्थिति आपके पुण्य या फल में कोई कमी नहीं लाती। सावित्री ने अपने संकल्प और निष्ठा से यमराज तक को झुका दिया था। उसी भावना से अगर आप व्रत करें, तो परिणाम भी उतना ही फलदायी होगा।
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