सनातन संस्कृति में वट वृक्ष है पूजनीय
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सनातन संस्कृति में वट वृक्ष है पूजनीय
वट पूर्णिमा में दो शब्द हैं और इन्हीं दो शब्दों में इस व्रत का धार्मिक महत्व छिपा हुआ है। पहला शब्द 'वट' (बरगद) है। हिन्दू धर्म में वट वृक्ष को पूजनीय माना जाता है। शास्त्रों के अनुसार बरगद के पेड़ में ब्रह्मा, विष्णु और महेश (शिव) तीनों देवों का वास होता है। इसलिए बरगद के पेड़ की आराधना करने से सौभाग्य की प्राप्ति होती है। वहीं दूसरा शब्द 'पूर्णिमा' है। सनातन संस्कृति में पूर्णिमा तिथि का बड़ा महत्व है। इस दिन भगवान विष्णु की पूजा करने का विधान है। इस दिन व्रत और दान पुण्य करने से समस्त पापों का नाश होता है, दरिद्रता मिट जाती है।