बैसाखी अप्रैल में तब मनाया जाता है, जब सूर्य मेष राशि में प्रवेश करता है। इसी समय सूर्य की किरणें गर्मी का आगाज करती हैं। इन किरणों के प्रभाव से जहां रबी की फसल पक जाती है, वहीं खरीफ की फसल का मौसम शुरू हो जाता है। इस पर्व की धार्मिक और आध्यात्मिक मान्यता भी काफी है। लोग देवी-देवताओं की पूजा करते हैं। पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, उत्तरी राजस्थान और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में जहां बैसाखी के रूप में उल्लास का रंग दिखता है, तो उत्तर-पूर्वी भारत के असम आदि राज्यों में बिहू पर्व मनाया जाता है।