फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Shani Amavasya 2025: ग्रहण के साए में शनि अमावस्या, इन मंत्रों के जप से पाएं पितृ दोष से मुक्ति

Wed, 26 Mar 2025 01:27 PM IST
मेघा कुमारी ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला

सार

Shani Amavasya 2025: हिंदू धर्म में अमावस्या तिथि पितरों को समर्पित है। इस दिन पितरों की पूजा व पिंडदान करने से पितृदोष से लेकर अन्य समस्याओं से मुक्ति प्राप्त होती हैं। 
विज्ञापन
1 of 6
इस बार 29 मार्च 2025 को शनि अमावस्या है। खास बात यह है कि इस दिन शनि कुंभ से निकलकर मीन राशि में प्रवेश करेंगे - फोटो : adobe stock
Shani Amavasya 2025: हिंदू धर्म में अमावस्या तिथि पितरों को समर्पित है। इस दिन पितरों की पूजा व पिंडदान करने से पितृदोष से लेकर अन्य समस्याओं से मुक्ति प्राप्त होती हैं। इस दौरान पवित्र नदियों में स्नान और जरूरतमंदों को दान-दक्षिणा देने से सभी नकारात्मक शक्तियों का भी अंत होता है। वहीं अमावस्या तिथि शनिवार को पड़ने पर इसका महत्व और भी कई गुना बढ़ जाता है। बता दें, जब भी अमावस्या शनिवार के दिन होती है, तो इसे शनिश्चरी या शनि अमावस्या कहा जाता है। इस तिथि पर पूर्वजों का आशीर्वाद पाने के साथ-साथ शनि देव की भी विशेष कृपा मिलती है।

इस बार 29 मार्च 2025 को शनि अमावस्या है। खास बात यह है कि इस दिन शनि कुंभ से निकलकर मीन राशि में प्रवेश करेंगे, जो साल का सबसे बड़ा गोचर है। इसके अलावा इस तिथि पर साल का पहला सूर्य ग्रहण भी लगेगा। ऐसे में शनि अमावस्या पर कई शुभ संयोग बन रहे हैं। इस दौरान आप पितरों की कृपा और शनि साढ़े साती व ढैय्या जैसे दोषों से मुक्ति पाने के लिए इन मंत्रों का जाप कर सकते हैं। यह बहुत शुभ है। आइए इन शक्तिशाली मंत्रों के बारे में जानते हैं...
Trending Videos
विज्ञापन

2 of 6
शनिदेव के प्रमुख मंत्र - फोटो : freepik
1. शनिदेव के प्रमुख मंत्र
जानिए शनिदेव की पूजा करते वक्त किन मंत्रों का जाप करना शुभ माना जाता है.

2. शनि गायत्री मंत्र
ॐ शनैश्चराय विदमहे छायापुत्राय धीमहि ।
विज्ञापन

3 of 6
शनि बीज मंत्र - फोटो : अमर उजाला

3. शनि बीज मंत्र
ॐ प्रां प्रीं प्रों स: शनैश्चराय नमः ।।

4. शनि स्तोत्र
ॐ नीलांजन समाभासं रवि पुत्रं यमाग्रजम ।
छायामार्तंड संभूतं तं नमामि शनैश्चरम ।।

 

4 of 6
शनि पीड़ाहर स्तोत्र - फोटो : अमर उजाला
5. शनि पीड़ाहर स्तोत्र
सुर्यपुत्रो दीर्घदेहो विशालाक्ष: शिवप्रिय: ।
दीर्घचार: प्रसन्नात्मा पीडां हरतु मे शनि: ।।
तन्नो मंद: प्रचोदयात ।।
 
विज्ञापन

5 of 6
शनिदेव को प्रसन्न करने वाले सरल मंत्र - फोटो : अमर उजाला
6. शनिदेव को प्रसन्न करने वाले सरल मंत्र
"ॐ शं शनैश्चराय नमः"
"ॐ प्रां प्रीं प्रौं सः शनैश्चराय नमः"
"ॐ शन्नो देविर्भिष्ठयः आपो भवन्तु पीतये। सय्योंरभीस्रवन्तुनः।।
विज्ञापन
विज्ञापन

6 of 6
पितृ दोष निवारण मंत्र - फोटो : freepik
पितृ दोष निवारण मंत्र
“ॐ श्रीं सर्व पितृ दोष निवारणाय क्लेशं हं हं सुख शांतिम् देहि फट् स्वाहा”।
"ॐ पितृभ्य देवताभ्य महायोगिभ्येच च, नमः स्वाहा स्वाध्याय च नित्यमेव नमः"।

पितृ गायत्री मंत्र


ॐ पितृगणाय विद्महे जगत धारिणी धीमहि तन्नो पितृो प्रचोदयात्।

ॐ देवताभ्य: पितृभ्यश्च महायोगिभ्य एव च। नम: स्वाहायै स्वधायै नित्यमेव नमो नम:।

ॐ आद्य-भूताय विद्महे सर्व-सेव्याय धीमहि। शिव-शक्ति-स्वरूपेण पितृ-देव प्रचोदयात्।

Grah Gochar: 29 मार्च को ग्रहों का सबसे बड़ा परिवर्तन, 57 साल बाद 10 दुर्लभ ग्रह संयोग से होगी उथल-पुथल
Surya Grahan 2025: साल 2025 के पहले सूर्य ग्रहण का इन राशियों पर हो सकता है असर, रहें सतर्क

डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें