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शारदीय नवरात्रि 2026: हाथी पर सवार होकर आएंगी मां दुर्गा, जानें आगमन और विदाई का वाहन

Mon, 05 Oct 2026 12:31 PM IST
श्वेता सिंह धर्म डेस्क, अमर उजाला

सार

Shardiya Navratri 2026: शारदीय नवरात्रि का पर्व इस बार 11 अक्टूबर 2026 से शुरू होगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार नवरात्रि में मां दुर्गा के आगमन और प्रस्थान के वाहन का विशेष महत्व होता है। इस बार मां दुर्गा हाथी पर सवार होकर आएंगी। जानें उनके आगमन और विदाई के वाहन से जुड़े शुभ-अशुभ संकेत।
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शारदीय नवरात्रि 2026 - फोटो : AI

Shardiya Navratri 2026: शारदीय नवरात्रि का पावन पर्व इस साल 11 अक्तूबर 2026, रविवार से शुरू होगा। नवरात्रि के नौ दिनों में मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की विधि-विधान से पूजा की जाती है। भक्त माता की आराधना, व्रत और साधना के जरिए देवी का आशीर्वाद प्राप्त करने की कामना करते हैं। धार्मिक मान्यता है कि नवरात्रि के दौरान मां दुर्गा की उपासना करने से घर में सुख-शांति और सकारात्मकता बनी रहती है। इस बार नवरात्रि के आगमन और विदाई के वाहन को लेकर भी विशेष चर्चा है। मान्यता के अनुसार रविवार को नवरात्रि शुरू होने के कारण मां दुर्गा हाथी पर सवार होकर धरती पर आएंगी, जबकि विजयादशमी मंगलवार को होने से माता का प्रस्थान मुर्गे यानी चरणायुध पर माना जा रहा है।

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पंचांग के अनुसार इस बार शारदीय नवरात्रि की शुरुआत 11 अक्तूबर 2026 से होगी। नवरात्रि का पहला दिन रविवार को पड़ रहा है। - फोटो : adobe stock

शारदीय नवरात्रि कब से शुरू होगी?
पंचांग के अनुसार इस बार शारदीय नवरात्रि की शुरुआत 11 अक्तूबर 2026 से होगी। नवरात्रि का पहला दिन रविवार को पड़ रहा है। नौ दिनों तक मां दुर्गा के अलग-अलग स्वरूपों की पूजा होगी और 19 अक्तूबर को अष्टमी और नवमी से जुड़े प्रमुख अनुष्ठान होंगे। इसके अगले दिन यानी 20 अक्तूबर को विजयादशमी मनाई जाएगी।

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इस बार हाथी पर आएंगी मां दुर्गा - फोटो : adobe stock

इस बार हाथी पर आएंगी मां दुर्गा
धार्मिक मान्यताओं में नवरात्रि के पहले दिन पड़ने वाले वार के आधार पर देवी के आगमन का वाहन तय किया जाता है। मान्यता है कि यदि नवरात्रि की शुरुआत रविवार या सोमवार से हो तो मां दुर्गा का वाहन हाथी होता है। शनिवार या मंगलवार को नवरात्रि शुरू होने पर घोड़े को देवी का वाहन माना जाता है, जबकि कुछ अन्य वारों के लिए डोली और नौका की मान्यता बताई गई है। चूंकि वर्ष 2026 में शारदीय नवरात्रि का आरंभ रविवार से हो रहा है, इसलिए इस बार मां दुर्गा का आगमन गज यानी हाथी पर माना जा रहा है। धार्मिक मान्यता में हाथी को सुख-समृद्धि, स्थिरता और वैभव से जोड़कर देखा जाता है। इसलिए देवी का हाथी पर आगमन शुभ संकेत माना जाता है।

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हाथी पर मां का आगमन क्या संकेत देता है? - फोटो : freepik

हाथी पर मां का आगमन क्या संकेत देता है?
हाथी को भारतीय परंपरा में शक्ति, स्थिरता और समृद्धि का प्रतीक माना गया है। इसी वजह से धार्मिक मान्यताओं में देवी का गज पर आगमन सुख-समृद्धि और अनुकूल परिस्थितियों का संकेत माना जाता है। कुछ परंपराओं में इसे अच्छी वर्षा और कृषि के लिए भी शुभ संकेत से जोड़ा गया है। हालांकि, ये धार्मिक मान्यताएं हैं और इन्हें भविष्य की निश्चित भविष्यवाणी के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए।

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किस वाहन पर होगी मां दुर्गा की विदाई? - फोटो : adobe stock

किस वाहन पर होगी मां दुर्गा की विदाई?
नवरात्रि के बाद विजयादशमी के दिन मां दुर्गा के प्रस्थान का वाहन भी उस दिन के वार के आधार पर तय करने की परंपरा है। इस साल विजयादशमी 20 अक्तूबर 2026, मंगलवार को होगी। प्रचलित शास्त्रीय मान्यता के अनुसार मंगलवार या शनिवार को देवी का प्रस्थान चरणायुध, जिसे परंपरा में मुर्गा या कुक्कुट कहा जाता है, पर माना जाता है। इसलिए इस बार मां दुर्गा की विदाई मुर्गे पर होने की मान्यता है। धार्मिक परंपराओं में इस वाहन को बहुत शुभ नहीं माना जाता और इसे सामाजिक अशांति, चिंता या चुनौतियों जैसे संकेतों से जोड़ा गया है। हालांकि ये ज्योतिषीय और धार्मिक मान्यताएं हैं, वैज्ञानिक रूप से इनके आधार पर किसी घटना की भविष्यवाणी नहीं की जा सकती।

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नवरात्रि में मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा - फोटो : अमर उजाला

नवरात्रि में मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा
नवरात्रि के नौ दिनों में देवी के नौ अलग-अलग स्वरूपों की आराधना की जाती है। पहले दिन मां शैलपुत्री, दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी, तीसरे दिन मां चंद्रघंटा, चौथे दिन मां कूष्मांडा, पांचवें दिन मां स्कंदमाता, छठे दिन मां कात्यायनी, सातवें दिन मां कालरात्रि, आठवें दिन मां महागौरी और नौवें दिन मां सिद्धिदात्री की पूजा की जाती है। भक्त इन दिनों अपनी श्रद्धा के अनुसार व्रत रखते हैं, देवी पाठ करते हैं और घर में घटस्थापना कर माता की आराधना करते हैं। नवरात्रि का मूल भाव शक्ति, भक्ति और आत्मसंयम से जुड़ा है। इसलिए इन नौ दिनों में पूजा-पाठ के साथ मन, वचन और कर्म की शुद्धता पर भी ध्यान देने की परंपरा रही है।

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मां दुर्गा के वाहन को लेकर मान्यता का क्या महत्व है? - फोटो : Adobe Stock

मां दुर्गा के वाहन को लेकर मान्यता का क्या महत्व है?
देवी के आगमन और प्रस्थान के वाहन को लेकर मान्यताएं सदियों से चली आ रही हैं। इनके जरिए आने वाले समय के लिए अलग-अलग धार्मिक संकेतों की व्याख्या की जाती है। 2026 में हाथी पर देवी का आगमन जहां शुभता और समृद्धि से जोड़ा जा रहा है, वहीं मुर्गे पर प्रस्थान को सावधानी और चुनौतियों का संकेत माना गया है। लेकिन इन मान्यताओं का उद्देश्य आस्था और परंपरा से जुड़ा है; इन्हें निश्चित भविष्यवाणी मानना उचित नहीं होगा।

डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।

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