Shardiya Navratri 2025: पंचांग के मुताबिक हर साल आश्विन मास की शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से शारदीय नवरात्रि की शुरुआत होती हैं। इस दिन देवी दुर्गा का आगमन पृथ्वी पर माना जाता है। मान्यता है कि प्रतिपदा से लेकर नवमी तिथि तक मां दुर्गा के नौ अलग-अलग रूपों की पूजा-अर्चना की जाती है। इस अवसर पर घरों से लेकर मंदिरों और धार्मिक स्थलों तक देवी की आराधना का भव्य आयोजन किया जाता है। हिंदू धर्म में नवरात्रि को सकारात्मक ऊर्जा और आनंद का पर्व माना जाता है, इसलिए इस पर्व के आने से पहले ही घर से कुछ वस्तुओं को अवश्य हटा देना चाहिए अन्यथा नकारात्मकता का प्रवेश हो सकता है। ऐसे में आइए इसके बारे में जानते हैं।