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Shardiya Navratri 2024: पालकी पर सवार होकर आ रही हैं माता रानी, जानें अलग-अलग वाहन देते हैं किस बात का संकेत

Fri, 20 Sep 2024 01:53 PM IST
ज्योति मेहरा धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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Shardiya Navratri 2024: माता रानी के वाहन देते हैं किस बात का संकेत - फोटो : अमर उजाला
Shardiya Navratri 2024: हिंदू पंचांग के अनुसार, नौ दिवसीय नवरात्रि का पर्व आश्विन शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा से नवमी तक मनाया जाता है। इस बार शारदीय नवरात्रि की शुरुआत गुरुवार 3 अक्तूबर से हो रही है और 11 अक्तूबर 2024 को इसका समापन होगा। नवरात्रि के इन नौ दिनों में जगत जननी आदिशक्ति मां दुर्गा के अलग-अलग नौ रूपों की पूजा अर्चना की जाती है। यूं तो नवरात्रि का त्योहार साल में चार बार मनाया जाता है, जिसमें दो प्रत्यक्ष और दो अप्रत्यक्ष होते हैं। लेकिन आश्विन माह में पड़ने वाली शारदीय नवरात्रि अन्य तीनों नवरात्रि में सबसे अधिक प्रचलित और लोकप्रिय मानी जाती है। इसे देशभर में धूमधाम से मनाया जाता है।

नवरात्रि में माता रानी का आगमन और विदाई खास वाहन पर होती है। ज्योतिष में इन अलग-अलग वाहनों का अर्थ भी बताया गया है। दुर्गा मां के आगमन और विदाई के वाहन से देश-दुनिया, फसल, प्रकृति और मानव जीवन में पड़ने वाले शुभ और अशुभ प्रभावों का अनुमान लगाया जाता है। इसलिए नवरात्रि में मां दुर्गा की सवारी बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है।
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Shardiya Navratri 2024: माता रानी के वाहन देते हैं किस बात का संकेत - फोटो : freepik
पालकी पर सवार होकर आ रही हैं माता रानी
मां दुर्गा के आगमन या विदाई का वाहन क्या होगा इसे दिन के अनुसार तय किया जाता है। इसलिए हर बार माता रानी की सवारी अलग-अलग होती है। इस बार शारदीय नवरात्रि की शुरुआत गुरुवार के दिन से हो रही है। ऐसे में माता रानी का वाहन इस बार पालकी रहेगा। मान्यता है कि नवरात्रि में मां दुर्गा जब धरती पर पालकी से आती हैं तो इसे अच्छा संकेत नहीं माना जाता है। माता रानी का पालकी पर आना चिंता का विषय है। यह अर्थव्यवस्था में गिरावट, व्यापार में मंदी, देश-दुनिया में महामारी और हिंसा की ओर संकेत करता है। 
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Shardiya Navratri 2024: माता रानी के वाहन देते हैं किस बात का संकेत - फोटो : freepik
किस आधार पर तय किया जाता है वाहन
यूं तो माता रानी का वाहन सिंह है, इसलिए मां दुर्गा को शेरावाली मां भी कहा जाता है। लेकिन नवरात्र के दिनों में मां दुर्गा पृथ्वीलोक वार के अनुसार सवारी बदल कर जाती हैं।

शशि सूर्य गजरुढा शनिभौमै तुरंगमे।
गुरौशुक्रेच दोलायां बुधे नौकाप्रकीर्तिता॥ (देवीभाग्वत पुराण)
इस श्लोक के बताया गया है कि सप्ताह के सातों दिनों के अनुसार देवी का आगमन अलग-अलग वाहनों पर होता है।

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Shardiya Navratri 2024: माता रानी के वाहन देते हैं किस बात का संकेत - फोटो : freepik
  • श्लोक के अनुसार, नवरात्रि का प्रारंभ सोमवार या रविवार से होता है, तो माता रानी हाथी पर आती हैं।
  • वहीं शनिवार और मंगलवार से नवरात्रि की शुरुआत हो तो मां अश्व यानी घोड़े पर सवार होकर आती है।
  • गुरुवार और शुक्रवार के दिन माता रानी डोली या पालकी पर आती हैं। 
  • जबकि बुधवार के दिन से नवरात्रि की शुरुआत होने पर मां दुर्गा का आगमन नाव पर होता है।
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Shardiya Navratri 2024: माता रानी के वाहन देते हैं किस बात का संकेत - फोटो : freepik
अलग-अलग वाहन के संकेत
माता रानी का पालकी पर आना शुभ संकेत नहीं माना जाता है।
घोड़े पर आना भी एक शुभ संकेत नहीं है।
वहीं हाथी पर आना बहुत शुभ संकेत माना जाता है।
नाव पर आना भी बेहद शुभ होता है।
 
 
डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): ये लेख लोक मान्यताओं पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।
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