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Shardiya Navratri 2023: नवरात्रि के पहले दिन होती है मां शैलपुत्री की पूजा, जानें पूजा विधि, मंत्र और भोग

Tue, 10 Oct 2023 11:51 AM IST
श्वेता सिंह धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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Shardiya Navratri 2023 - फोटो : amar ujala
Shardiya Navratri 2023 Maa Shailputri: नवरात्रि भारत में सबसे शुभ और मनाए जाने वाले हिंदू त्योहारों में से एक है। यह नौ दिनों का एक त्योहार है जो मां के शक्तिस्वरूप की आराधना करते हुए मनाया जाता है। पूरे भारत में नवरात्रि का पहला दिन बड़े उत्साह और उमंग के साथ मनाया जाता है। शारदीय नवरात्रि या महा नवरात्रि  अश्विन महीने में आती है, जो ग्रेगोरियन कैलेंडर के अनुसार सितंबर या अक्टूबर के दौरान आती है। यह आश्विन माह की प्रतिपदा (पहले दिन) को शुरू होती  है और आश्विन माह की नवमी को समाप्त होती है। इस वर्ष, शारदीय नवरात्रि 15 अक्तूबर, 2023 को शुरू होगी और 24 अक्तूबर, 2023 को समाप्त होगी। हिंदू पंचांग के अनुसार दिनांक 15 अक्तूबर को शारदीय नवरात्रि का पहला दिन है। इस दिन मां दुर्गा के प्रथम स्वरूप मां शैलपुत्री की पूजा-अर्चना की जाती है। इस दौरान सर्वप्रथम घटस्थापना की जाती है और फिर  मां दुर्गा का आह्वान,स्थापन और प्राण प्रतिष्ठा की जाती है। तदोपरांत मां शैलपुत्री की पूजा की जाती है। आइए जानते हैं पहले दिन मां शैलपुत्री की पूजा विधि, मंत्र और भोग के बारे में। 
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Shardiya Navratri 2023 - फोटो : iStock
कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार कलश स्थापना हमेशा अभिजीत मुहूर्त और प्रतिपदा तिथि में करना ही शुभ माना गया है। इस बार 15 अक्तूबर को अभिजीत मुहूर्त प्रातः 11:38 मिनट सें शुरू हो रहा है और दोपहर 12:23 मिनट तक रहेगा। इसके उपरांत  12:24 मिनट से वैधृति योग शुरू हो जाएगा। ऐसे में इस बार शारदीय नवरात्रि में कलश स्थापना के लिए मात्र 45 मिनट का ही शुभ मुहूर्त है। 
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Shardiya Navratri 2023 - फोटो : self
मां शैलपुत्री पूजन का शुभ मुहूर्त 
मां शैलपुत्री का पूजन आप अभिजीत मुहूर्त में कर सकते हैं। अभिजीत मुहूर्त प्रातः 11:38 मिनट सें शुरू हो रहा है और दोपहर 12:23 मिनट तक रहेगा। 
 

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Shardiya Navratri 2023 - फोटो : अमर उजाला
कौन हैं देवी शैलपुत्री?
राजा दक्ष की पुत्री देवी सती का पुनर्जन्म शैलपुत्री (हिमालय की पुत्री) के रूप में हुआ था। उनके दाहिने हाथ में त्रिशूल और बाएं हाथ में गुलाबी कमल है और उनके माथे पर अर्धचंद्र शोभायमान है। उन्हें वृषभ रूढ़ा भी कहा जाता है क्योंकि वह वृषभ पर आरूढ़ हैं। ये मां दुर्गा का प्रथम स्वरुप हैं। 
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Shardiya Navratri 2023 - फोटो : facebook
इस विधि से करें मां शैलपुत्री की पूजा 
  • सबसे पहले पूजा का संकल्प लें और घटस्थापना करें। 
  • इसके बाद मां शैलपुत्री की पूजा करें। 
  • मां को अक्षत, सफेद पुष्प, धूप, दीप, फल, मिठाई चढ़ाएं। 
  • पूजा के दौरान मंत्रोच्चारण करें और फिर माता शैलपुत्री की पूजा करें। 
  • पूजा करने के बाद घी के दीपकसे मां शैलपुत्री की पूरी श्रद्धा के साथ आरती करें 
  • पूजा समाप्त हो जाने के बाद मां शैलपुत्री से क्षमा याचना मांगें। 
  • उसके बाद मनोकामना पूर्ति के लिए प्रार्थना करें।
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Shardiya Navratri 2023 - फोटो : अमर उजाला।
मां को लगाएं इन चीज़ों का भोग 
मां शैलपुत्री को दूध से बनी मिठाई का भोग जरूर लगाएं। इसके अलावा आप गाय के घी का भी भोग लगा सकते हैं। 
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Shardiya Navratri 2023
मां शैलपुत्री के इन प्रभावशाली मंत्रों का करें जाप 
नवरात्रि के दौरान मां शैलपुत्री के कुछ विशेष मंत्रों का जाप करने से व्यक्ति के जीवन में स्थिरता बनी रहती है। साथ ही सुख-समृद्धि भी मिलती है। 

ऊँ देवी शैलपुत्र्यै नमः॥
वन्दे वांच्छितलाभाय चंद्रार्धकृतशेखराम्॥ 
वृषारूढ़ां शूलधरां शैलपुत्रीं यशस्विनीम्॥


शिवरूपा वृष वहिनी हिमकन्या शुभंगिनी। 
पद्म त्रिशूल हस्त धारिणी रत्नयुक्त कल्याणकारीनी।।
या देवी सर्वभूतेषु माँ शैलपुत्री रूपेण संस्थिता। 
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:॥
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