फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Navratri Durg Ashtami Date, Time, Muhurat: जानें महाष्टमी, नवमी और कन्या पूजन से जुड़ी जानकारी

Thu, 22 Oct 2020 03:59 PM IST
रुस्तम राणा धर्म डेस्क, अमर उजाला
विज्ञापन
1 of 4
शारदीय नवरात्रि 2020 - फोटो : Rohit Jha
शारदीय नवरात्रि का पावन उत्सव देशभर में मनाया जा रहा है। हर साल यह पर्व आश्विन शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा से प्रारंभ होता है और नवमी तिथि तक चलता है। दशमी को दशहरा मनाया जाता है। यूं तो नवरात्र की हर तिथि अपने आप में महत्वपूर्ण होती है। लेकिन अष्टमी और नवमी तिथि में कन्या पूजन किया जाता है इसलिए इन दोनों तिथियों का अधिक विचार किया जाता है। अगर आपके मन में अष्टमी या नवमी को लेकर भ्रम की स्थिति तो जानते हैं कब है अष्टमी और नवमी तिथि।
विज्ञापन

2 of 4
नवरात्रि - फोटो : social media
हिन्दू पंचाग की गणना के अनुसार 23 अक्तूबर शुक्रवार सुबह 06:57 से अष्टमी तिथि आरंभ हो जाएगी जो 24 अक्तूबर सुबह 6:58 तक रहेगी। उसके बाद नवमी तिथि 06:58 से आरंभ होकर 25 अक्तूबर सुबह 7:41 तक रहेगी। तो वहीं 25 अक्तूबर को 7:41 से दशमी तिथि आरंभ होगी जो 26 अक्तूबर सुबह 9:00 बजे तक रहेगी। इस तरह से 25 अक्तूबर को ही दशमी तिथि लगने के कारण इसी दिन दशहरा मनाया जाएगा। इस तरह से आप तिथि के अनुसार हवन, कन्या पूजन और दशहरे का पर्व मना सकते हैं। 
विज्ञापन

3 of 4
ब्रह्मचारिणी। - फोटो : अमर उजाला
नवरात्रि की अष्टमी तिथि के दिन हवन और उसके बाद नवमी तिथि को कन्या पूजन करने के बाद माता रानी को विदा करके व्रत का पारण किया जाता है। कुछ लोग हवन के बाद अष्टमी तिथि को ही कन्या पूजन करते हैं। लेकिन पारण समापन तिथि के बाद ही किया जाता है। अष्टमी तिथि को मां महागौरी और नवमी तिथि को मां सिद्धिदात्री का पूजन किया जाता है।
विज्ञापन

4 of 4
कन्या पूजन
नवमी तिथि को मां सिद्धिदात्री के पूजन के साथ कन्या भोजन करवाने बहुत महत्व माना गया है। नवरात्रि में मां के नौं स्वरुप मानकर नौ कन्याओं का पूजन किया जाता है। नवरात्रि में नौ कन्याओं के साथ एक बालक को भी बटुक भैरव या लांगुर का रुप मानकर पूजन किया जाता है। 2 से लेकर 10 वर्ष तक की कन्याओं को भोजन कराने का विशेष महत्व माना गया है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें