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Shani Jayanti 2025: शनि जयंती पर कर लें ये तीन काम, साढ़ेसाती समेत शनि दोष से मिलेगी मुक्ति

Mon, 26 May 2025 12:33 PM IST
मेघा कुमारी ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला

सार

Shani Jayanti 2025: ज्येष्ठ माह की अमावस्या तिथि 26 मई को दोपहर 12 बजकर 11 मिनट पर शुरू होगी। इसका समापन 27 मई को रात 8 बजकर 31 मिनट पर है। इस आधार पर शनि जयंती का पर्व मंगलवार, 27 मई 2025 को होगा।
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Shani Jayanti 2025 - फोटो : adobe stock
Shani Jayanti 2025 : हर साल ज्येष्ठ माह की अमावस्या तिथि पर शनि जयंती मनाई जाती है। इस दिन न्याय के देवता शनिदेव का जन्म हुआ था। मान्यता है कि इस दिन शनि महाराज की पूजा अर्चना करने से तनाव, सेहत और कर्ज की समस्याओं से मुक्ति मिलती हैं। वैदिक ज्योतिष में शनि को कर्म फल दाता कहा जाता है, क्योंकि वह जातकों को उनके द्वारा किए गए अच्छे-बुरे कर्मों का फल प्रदान करते हैं।

कहा जाता है कि जिन भी जातकों पर शनि महाराज की कृपा होती है उन्हें करियर, बिजनेस और शिक्षा क्षेत्र में अच्छे परिणाम मिलते हैं। लेकिन कुंडली में शनि संबंधी कुछ दोष होने पर व्यक्ति रोग व आर्थिक समस्याएं झेलता है।

इस दौरान शनि की साढ़ेसाती का प्रभाव झेलने वालें जातक कई मुश्किलों का सामना करता है। ऐसे में शनि जयंती का दिन उनके लिए खास हो सकता है। बता दें, शनि जयंती शनि महाराज को प्रसन्न और उनकी कृपा पाने का अवसर है और इस साल 27 मई को शनि जयंती मनाई जा रही है। ऐसे में आप इन उपायों के माध्यम से शनि दोष से मुक्ति पा सकते हैं।    
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Shani Jayanti 2025 - फोटो : freepik
शनि जयंती तिथि
ज्येष्ठ माह की अमावस्या तिथि 26 मई को दोपहर 12 बजकर 11 मिनट पर शुरू होगी। इसका समापन 27 मई को रात 8 बजकर 31 मिनट पर है। इस आधार पर शनि जयंती का पर्व मंगलवार, 27 मई 2025 को होगा।
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Shani Jayanti 2025 - फोटो : अमर उजाला
  • शनि जयंती के दिन आप सुबह ही स्नान करें। इसके बाद घर के पास पीपल के पेड़ की पूजा करें। इस दौरान वृक्ष की जड़ में कच्चा दूध, गंगाजल और जल चढ़ाएं। इसके बाद 'ऊं शं शनैश्चराय नमः मंत्र का जप करें। इससे शनि की साढ़ेसाती के प्रभाव से मुक्ति मिलती हैं।

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Shani Jayanti 2025 - फोटो : अमर उजाला
  • ज्योतिषियों के मुताबिक शनि जयंती की शाम को आप पीपल के पेड़ के नीचे सरसों के तेल का दीया जलाएं। इस दौरान दीये में आप काले तिल और एक रुपये का सिक्का अवश्य रखें। फिर पूजा करते हुए पीपल के पेड़ की सात बार परिक्रमा करें। इससे शनि दोष से मुक्ति और ढैय्या से मुक्ति मिलती है।
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Shani Jayanti 2025 - फोटो : अमर उजाला
  • इस साल शनि जयंती पर कई शुभ योग बन रहे हैं। ऐसे में आप पीपल के पेड़ की 108 बार परिक्रमा करें। परिक्रमा के समय ऊं नमः शिवाय मंत्र का जप करें। इससे शनिदेव की कृपा मिलती हैं।
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Shani Jayanti 2025 - फोटो : अमर उजाला
शनि जयंती पर करें इन चीजों का दान
  • लौंग और अचार
  • काला तिल
  • काला नमक 
  • काली उड़द
  • उड़द की दाल
  • वस्त्र 
  • काली मिर्च
  • सरसों का तेल
  • छाया दान

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डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): ये लेख लोक मान्यताओं पर आधारित है। इस लेख में शामिल सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।
 
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