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Sawan Shivratri 2022: क्यों मनाई जाती है मासिक शिवरात्रि? जानिए सावन शिवरात्रि का महत्व

Tue, 26 Jul 2022 07:11 AM IST
श्वेता सिंह धर्म डेस्क, अमर उजला, नई दिल्ली
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क्यों मनाई जाती है मासिक शिवरात्रि - फोटो : amar ujala
Sawan Shivratri 2022: भगवान शिव को समर्पित सावन के पवित्र महीने की शुरुआत 14 जुलाई 2022, गुरुवार को हुई थी। सावन के इस महीने में भगवान शिव और माता पार्वती के भक्त सोमवार और मंगलवार को व्रत उपवास रख कर पूजा अर्चना करते हैं। सोमवार  को रखे जाने वाले व्रत को सावन सोमवार व्रत कहा जाता है और मंगलवार को मंगला गौरी व्रत के रूप में जाना जाता है। सावन के दूसरे मंगलवार को सावन शिवरात्रि मनाई जाएगी। इस साल सावन माह की शिवरात्रि 26 जुलाई 2022 दिन मंगलवार को मनाई जाएगी। मान्यता है कि इस दिन व्रत रखने और पूजा-अर्चना करने वाले भक्तों पर महादेव जल्दी प्रसन्न होते हैं और उन्हें उनकी विशेष कृपा प्राप्त होती है। शिव जी की कृपा जिन लोगों पर होती है, उनके जीवन में कभी भी सुख समृद्धि की कमी नहीं होती। आइए जानते हैं सावन शिवरात्रि का महत्व और क्यों मनाई जाती है सावन की शिवरात्रि  
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क्यों मनाई जाती है मासिक शिवरात्रि - फोटो : अमर उजाला।
सावन शिवरात्रि 2022 तिथि
सावन  शिवरात्रि तिथि- 26 जुलाई 2022, दिन मंगलवार
चतुर्दशी तिथि आरंभ- 26 जुलाई 2022, मंगलवार सायं 06: 46 मिनट से 
चतुर्दशी तिथि समाप्त- 27 जुलाई 2022, बुधवार रात्रि 09:11 मिनट पर 
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क्यों मनाई जाती है मासिक शिवरात्रि - फोटो : अमर उजाला।
सावन शिवरात्रि 2022 निशिता काल पूजा का समय
शिवरात्रि पूजा करने का सबसे शुभ समय निशिता काल है, और यह 27 जुलाई को प्रातः 12:07 से 12:49 बजे तक रहता है।
सावन शिवरात्रि 2022 प्रहर का समय
पूजा के समय को चार प्रहरों में बांटा गया है, और वे इस प्रकार हैं:
पहला प्रहर - सायं  7:16 बजे से रात्रि 9:52 बजे तक (26 जुलाई)
दूसरा प्रहर - 26 जुलाई को रात्रि 9:52 बजे से 27 जुलाई को दोपहर 12:28 बजे तक
तीसरा प्रहर - 27 जुलाई को पूर्वाह्न 12:28 बजे से 3:04 बजे तक
चौथा प्रहर - 27 जुलाई को प्रातः 3:04 से 5:40 बजे तक

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क्यों मनाई जाती है मासिक शिवरात्रि - फोटो : अमर उजाला।
सावन शिवरात्रि 2022 पारण समय
पारण व्रत तोड़ने की रस्म है और शिवरात्रि व्रत तोड़ने का सही समय 27 जुलाई को प्रातः 5:40 बजे से दोपहर 3:51 बजे के बीच है।
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क्यों मनाई जाती है मासिक शिवरात्रि - फोटो : amar ujala
क्यों मनाई जाती है सावन शिवरात्रि
प्रतिवर्ष श्रावण माह में आने वाली चतुर्दशी को शिवरात्रि मनाई जाती है। कहते हैं कि भगवान शिव ने अमृत मंथन के दौरान निकले हलाहल नामक विष को अपने कंठ में रख लिया था। इसी विष की तपन को शांत करने के लिए इस दिन सभी देवताओं ने उनका जल और पंचामृत से अभिषेक किया था। इसलिए भगवान शिव नीलकंठ कहलाए। इसी के कारण सावन शिवरात्रि मनाई जाती है। 
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