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Sawan Pradosh Vrat 2026: आज सावन के दूसरे सोमवार को पहला प्रदोष व्रत, जानें शुभ मुहूर्त और महत्व

Mon, 10 Aug 2026 08:28 AM IST
ज्योति मेहरा धर्म डेस्क, अमर उजाला

सार

Sawan Pradosh Vrat 2026: सावन का पहला प्रदोष सोमवार के दिन आ रहा है, इसलिए इसे सोम प्रदोष के नाम से जाना जाएगा। आइए जानते हैं सावन के पहले प्रदोष व्रत की तिथि और पूजा के शुभ समय के बारे में।
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कब है सावन का पहला प्रदोष व्रत? - फोटो : AI
Sawan 2026 Me Praodsh Vrat Kab Hai: भगवान शिव की आराधना के लिए सावन का महीना बेहद पवित्र और फलदायी माना जाता है। इस पूरे माह में पड़ने वाले सोमवार, मासिक शिवरात्रि और प्रदोष व्रत का विशेष धार्मिक महत्व होता है। प्रदोष के दिन भक्त व्रत रखकर भगवान शिव की विधि-विधान से पूजा करते हैं। मान्यता है कि इस व्रत को श्रद्धा और नियम के साथ करने से शिवजी प्रसन्न होते हैं और अपने भक्तों पर विशेष कृपा बरसाते हैं। प्रदोष व्रत का नाम उस दिन के अनुसार रखा जाता है, जिस वार को यह पड़ता है। चूंकि सावन का पहला प्रदोष सोमवार के दिन आ रहा है, इसलिए इसे सोम प्रदोष के नाम से जाना जाएगा। आइए जानते हैं सावन के पहले प्रदोष व्रत की तिथि और पूजा के शुभ समय के बारे में।
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सावन का पहला प्रदोष कब है? - फोटो : freepik
सावन का पहला प्रदोष व्रत तिथि 
सावन माह का पहला प्रदोष व्रत आज यानी 10 अगस्त 2026 को रखा जाएगा। इस दिन सावन का दूसरा सोमवार भी पड़ रहा है, जिससे इसका महत्व और अधिक बढ़ जाता है। सोम प्रदोष और सावन सोमवार का यह दुर्लभ संयोग भक्तों के लिए अत्यंत शुभ माना जा रहा है। इस दिन व्रत और पूजा करने से व्यक्ति को दोनों व्रतों का संयुक्त पुण्य प्राप्त होता है, जो जीवन में सुख-समृद्धि और सकारात्मकता लाने वाला माना जाता है।
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प्रदोष व्रत मुहूर्त - फोटो : adobe stock
प्रदोष व्रत मुहूर्त
  • पंचांग के अनुसार, सावन माह के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि 10 अगस्त को सुबह 8 बजे से शुरू होगी और 11 अगस्त 2026 को सुबह 4 बजकर 54 मिनट पर समाप्त होगी। 
  • प्रदोष व्रत की पूजा का सर्वोत्तम समय शाम के दौरान होता है। इस दिन पूजा का शुभ मुहूर्त शाम 7 बजकर 9 मिनट से रात 9 बजकर 23 मिनट तक रहेगा। 
  • इसके अलावा, ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4 बजकर 49 मिनट से 5 बजकर 34 मिनट तक रहेगा, जबकि अभिजित मुहूर्त दोपहर 12 बजकर 18 मिनट से 1 बजकर 9 मिनट तक रहेगा।

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सोम प्रदोष व्रत का महत्व - फोटो : adobe stock
सोम प्रदोष व्रत का महत्व
सोम प्रदोष व्रत का महत्व भी विशेष रूप से बताया गया है। यह व्रत मानसिक शांति, दांपत्य सुख और पारिवारिक खुशहाली के लिए लाभकारी माना जाता है। जो व्यक्ति इस व्रत को पूरी श्रद्धा और नियमपूर्वक करता है, उसे भगवान शिव की कृपा से मनचाहे फल की प्राप्ति होती है। 
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सोम प्रदोष व्रत का महत्व - फोटो : adobe stock
वैवाहिक जीवन में प्रेम और समझ बढ़ती है तथा रिश्तों में मधुरता आती है। साथ ही, जिन लोगों की कुंडली में चंद्र दोष होता है, उनके लिए यह व्रत अत्यंत लाभकारी माना गया है, क्योंकि इसे करने से चंद्रमा की स्थिति मजबूत होती है और दोष का प्रभाव कम हो सकता है।

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डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।

 

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