August Pradosh Vrat 2025: हर माह के कृष्ण और शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि पर प्रदोष व्रत रखा जाता है। सावन माह के शुक्ल पक्ष में यह तिथि 6 अगस्त 2025 को दोपहर 2 बजकर 8 मिनट पर शुरू होगी। इसका समापन 7 अगस्त को दोपहर 2:27 मिनट पर है।
August Pradosh Vrat 2025: हर माह के कृष्ण और शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि पर प्रदोष व्रत रखा जाता है। सावन माह के शुक्ल पक्ष में यह तिथि 6 अगस्त 2025 को दोपहर 2 बजकर 8 मिनट पर शुरू होगी। इसका समापन 7 अगस्त को दोपहर 2:27 मिनट पर है। चूंकि प्रदोष व्रत में महादेव की उपासना प्रदोष काल में की जाती हैं, इसलिए 6 अगस्त 2025 को सावन का अंतिम प्रदोष व्रत है। यह दिन भगवान शिव और देवी पार्वती की उपासना को समर्पित है। मान्यता है कि इस तिथि पर की गई उपासना से महादेव शीघ्र ही प्रसन्न होते हैं और भक्तों पर अपनी कृपा बरसाते हैं। यह दिन कन्याओं के लिए और भी महत्वपूर्ण है। इस दिन शिवलिंग पर जल चढ़ाने से भाग्योदय और मनचाहा जीवनसाथी पाने की इच्छा पूरी होती हैं। हालांकि शिव पूजन में 'शिव चालीसा' का पाठ करना अत्यधिक लाभकारी होता है। इसके प्रभाव से व्यक्ति के कष्ट, रोग, तनाव दूर होते हैं। ऐसे में आइए इस शक्तिशाली चालीसा के पाठ को जानते हैं।
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Pradosh Vrat 2025
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शिव चालीसा पाठ के लाभ
सुखी दांपत्य
संतान सुख और संतान प्राप्ति
प्रेम जीवन मधुरमय
सफलता और विजय
भाग्य में वृद्धि
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डर भय की समाप्ति
कल्याण और मोक्ष मिलता है
धन लाभ के योग
साधक के स्वास्थ्य में सुधार होता है।
सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है।
मनचाहा जीवनसाथी
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शिव चालीसा
॥ दोहा ॥
जय गणेश गिरिजा सुवन,
मंगल मूल सुजान ।
कहत अयोध्यादास तुम,
देहु अभय वरदान ॥
॥ चौपाई ॥
जय गिरिजा पति दीन दयाला ।
सदा करत सन्तन प्रतिपाला ॥
भाल चन्द्रमा सोहत नीके ।
कानन कुण्डल नागफनी के ॥
अंग गौर शिर गंग बहाये ।
मुण्डमाल तन क्षार लगाए ॥
वस्त्र खाल बाघम्बर सोहे ।
छवि को देखि नाग मन मोहे ॥
मैना मातु की हवे दुलारी ।
बाम अंग सोहत छवि न्यारी ॥
कर त्रिशूल सोहत छवि भारी ।
करत सदा शत्रुन क्षयकारी ॥
नन्दि गणेश सोहै तहँ कैसे ।
सागर मध्य कमल हैं जैसे ॥
कार्तिक श्याम और गणराऊ ।
या छवि को कहि जात न काऊ ॥
देवन जबहीं जाय पुकारा ।
तब ही दुख प्रभु आप निवारा ॥