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Sawan 2025: इस सावन जरूर करें ये तीन खास उपाय, कर्ज और पापों से मिलेगी मुक्ति

Sun, 27 Jul 2025 11:40 AM IST
मेघा कुमारी शैली प्रकाश

सार

Sawan 2025: हिंदू धर्म में कई तरह के ऋणों का उल्लेख मिलता है। लाल किताब में 10 तरह के ऋणों के बारे में जानकारी मिलती है। यह ऋण या कर्ज जन्म जन्मांतर तक हमारा पीछा करते रहते हैं।
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Sawan 2025 - फोटो : adobe stock
Sawan 2025: प्रत्येक व्यक्ति पर शिवजी का एक ऋण चढ़ा हुआ है। हर व्यक्ति को यह ऋण या कर्ज को आज नहीं, तो कल जरूर चुकाना होगा। इसके बगैर मुक्ति या मोक्ष संभव नहीं। यदि आप जानना चाहते हैं कि वह कौन-सा ऋण है और इसे कैसे चुकाया जा सकता है, तो जानिए विस्तार से।

हिंदू धर्म में कई तरह के ऋणों का उल्लेख मिलता है। लाल किताब में 10 तरह के ऋणों के बारे में जानकारी मिलती है। यह ऋण या कर्ज जन्म जन्मांतर तक हमारा पीछा करते रहते हैं। हालांकि इनमें से तीन ऋण खास माने गए हैं, जिन्हें चुकता कर देने से मनुष्य को बहुत से पापों और संकटों से छुटकारा मिल जाता है। ये तीन ऋण हैं:- 1. देव ऋण, 2. ऋषि ऋण और 3. पितृ ऋण। 
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शिव का ऋण - फोटो : adobe
कौन-सा है शिव का ऋण
देव ऋण विष्णु का, ऋषि ऋण शिव का और पितृ ऋण पितरों का होता है। इन तीन ऋणों को उतारना प्रत्येक मनुष्य का कर्तव्य है। 
 
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तीन ऋण नहीं चुकता करने पर उत्पन्न होते हैं त्रिविध ताप, अर्थात सांसारिक दुख, देवी दुख और कर्म के दुख। - फोटो : adobe
तीन ऋणों को चुकता नहीं करने से उत्पन्न होंगे त्रिविध ताप
तीन ऋण नहीं चुकता करने पर उत्पन्न होते हैं त्रिविध ताप, अर्थात सांसारिक दुख, देवी दुख और कर्म के दुख। ऋणों को चुकता नहीं करने से उक्त प्रकार के दुख तो उत्पन्न होते ही हैं और इससे व्यक्ति के जीवन में पिता, पत्नी या पुत्र में से कोई एक सुख ही मिलता है या तीनों से वह वंचित रह जाता है।

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Sawan 2025 - फोटो : Amar Ujala
देव ऋण
देव ऋण उत्तम चरित्र रखते हुए, संध्या वंदन करने, दान देने और यज्ञ करने से चुकता होता है।

पितृ ऋण
पितृ ऋण कई तरह का होता है। इस ऋण को उतारने के तीन उपाय- देश के धर्म अनुसार कुल परंपरा का पालन करना, पितृपक्ष में तर्पण और श्राद्ध करना और संतान उत्पन्न करके उसमें धार्मिक संस्कार डालना।

ऋषि ऋण
यह ऋण भगवान शिव का ऋण है। वेद, उपनिषद और गीता पढ़कर उसे समझ कर और परिवार एवं समाज को समझाकर, इस ऋण को चुकता कर सकते हैं। व्यक्ति ऐसा नहीं करता है तो इससे व्यक्ति का जीवन घोर संकट में घिरता जाता है या मृत्यु के बाद उसे किसी भी प्रकार का सहयोग नहीं मिलती है।
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शिव ऋण को उतारने के खास उपाय - फोटो : adobe
शिव ऋण को उतारने के खास उपाय
इस ऋण को चुकाने के लिए व्यक्ति को प्रतिमाह गीता का पाठ करना चाहिए। सत्संग में जाते रहना चाहिए। अच्छे आचरण को अपनाना चाहिए। शरीर, मन और घर को जितना हो सके साफ और स्वच्छ रखना चाहिए। सिर पर घी, भभूत या चंदन का तिलक लगाना चाहिए। पीपल, बड़ और तुलसी में जल अर्पित करना चाहिए। माता-पिता, पत्नी और बेटी का सम्मान करना चाहिए।
 
डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।
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