Rangbhari Ekadashi Date 2023: आज रंगभरी एकादशी का पर्व मनाया जा रहा है। फाल्गुन माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी को रंगभरी एकादशी मनाई जाती है। इसे आमलकी एकादशी, आंवला एकादशी और आमलका एकादशी के नाम से भी जाना जाता है। रंगभरी एकादशी के दिन भगवान विष्णु की आराधना के साथ आंवले की पूजा की जाती है। इसके अलावा इस दिन शिव जी की भी पूजा आराधना की जाती है। धार्मिक मान्यता है कि इसी एकादशी के दिन भगवान शिव शंकर मां पार्वती को पहली बार काशी में लेकर आए थे। इसलिए यह एकादशी बाबा विश्वनाथ के भक्तों के लिए महत्वपूर्ण मानी जाती है। रंगभरी एकादशी के पावन पर्व पर भगवान शिव और माता पार्वती को रंग और गुलाल अर्पित किए जाते हैं। साथ ही विधि विधान से पूजा की जाती है। पूजा के बाद बाबा विश्वनाथ मां गौरी के साथ नगर भ्रमण करते हैं। वहीं भक्त शिव-गौरी का स्वागत रंग और गुलाल से करते हैं। इस दिन कशी में अलग ही उत्साह देखने को मिलता है। ऐसे में चलिए जानते हैं रंगभरी एकादशी की तिथि, पूजा मुहूर्त एवं महत्व...