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चाहते हैं अपार धन संपत्ति तो इस दिन से शुरू कर लें मां लक्ष्मी की पूजा, जानें विधि और शुभ मुहूर्त

Mon, 21 Oct 2019 03:18 PM IST
विनोद शुक्ला धर्म डेस्क, अमर उजाला
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धार्मिक ग्रंथो के अनुसार दिवाली पर मां लक्ष्मी की पूजा अगर भगवान विष्णु के बगैर की जाती है तो पूजा का फल नहीं मिलता है।  देवी लक्ष्मी की पूजा का प्रारंभ कार्तिक कृष्ण एकादशी के दिन से हो जाता है। शास्त्रों में इस एकादशी को बहुत महत्वपूर्ण बताया गया है, क्योंकि यह चतुर्मास की अंतिम एकदशी है। देवी लक्ष्मी जिनका एक नाम रमा भी हैं उन्हें यह एकादशी सबसे अधिक प्रिय है, इसलिए इस एकादशी का नाम रमा एकादशी है। ऐसी मान्यता है कि इस एकादशी के पुण्य से सुख ऐश्वर्य की प्राप्ति होती है।  इस वर्ष यह एकादशी 24 अक्टूबर रविवार के दिन है।
 
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vishnu - फोटो : social media
पुराणों के अनुसार जो व्यक्ति इस एकादशी के दिन लक्ष्मी नारायण का ध्यान करते हुए व्रत रखते हैं, वह पूर्वजन्म के पापों से मुक्त होकर उत्तम लोक में जाने के अधिकारी बन जाते हैं। इस व्रत में तुलसी की पूजा और भगवान  विष्णु को तुलसी पत्ता अर्पित करने का बड़ा महत्व बताया गया है। जो व्यक्ति यह व्रत नहीं भी रखते हैं, वो भी इस दिन विष्णु जी को तुलसी का पत्ता अर्पित करेंगे तो उन्हें भी पुण्य मिलता है।
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vishnu - फोटो : vishnu
रमा एकादशी की कथा के अनुसार एक बार राजकुमार चन्द्रसेन अपने ससुराल गए, जहां हर कोई एकादशी का व्रत करता था। ससुराल वालों के कहने पर इन्होंने भी ये व्रत रख तो लिया, लेकिन भूख प्यास सहन नहीं होने के कारण इनकी मृत्यु हो गई, लेकिन एकादशी के पुण्य से इन्हें अप्सराओं के साथ सुंदर नगरी में रहने का अवसर मिला। वहीं पति की मृत्यु से दुखी होकर इनकी पत्नी भगवान विष्णु की उपासना में लीन रहने लगी।

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lord vishnu mystery - फोटो : Social Media
एक दिन चन्द्रसेन की पत्नी चंद्रभागा को इस बात की जानकारी मिली कि उनके पति को रमा एकादशी के पुण्य से उत्तम नगरी में स्थान मिला है, लेकिन पुण्य की कमी से उन्हें जल्दी ही इस नगरी से जाना होगा। चंद्रभागा ने ऋषि वामदेव की सहायता से अपने पुण्य का कुछ भाग अपने पति को दे दिया और स्वयं भी पति के पास पहुंच गई।
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tulsi
पूजा विधि
इस एकादशी व्रत को जो लोग रखते हैं, उन्हें सुबह लक्ष्मी नारायण की पूजा करनी चाहिए और भगवान विष्णु को तुलसी एवं देवी लक्ष्मी की लाल पुष्प से पूजा करनी चाहिए। अगले दिन द्वादशी को ब्राह्मण को भोजन करवाकर स्वयं भोजन करना चाहिए।
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laxmi poojan

रमा एकादशी व्रत मुहूर्त 

रमा एकादशी व्रत प्रारंभ
24 अक्टूबर 

रमा एकादशी पारणा तिथि
25 अक्टूबर
रमा एकादशी पारणा मुहूर्त
06:27 से 08:42 25
अवधि 
2 घंटे 14 मिनट
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