चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि पर रामनवमी का पावन पर्व मनाया जाएगा। इस पावन तिथि पर भगवान राम ने धरती पर अवतार लिया था। रामनवमी को देशभर में भगवान श्री राम के जन्मोत्सव के रुप में मनाया जाता है। सभी भक्तजन इस पावन दिन भगवान श्री राम और देवी मां की विधि विधान से पूजा उपासना और हवन करके अपना व्रत खोलते हैं। आज हम आपको रामनवमी तिथि और इस पावन शुभ दिन के बारे में बताने जा रहे हैं....
विज्ञापन
2 of 6
ramnavami 2020
कब है रामनवमी?
2 अप्रैल, गुरुवार को।
विज्ञापन
3 of 6
ramnavami 2020
रामनवमी 2020 पूजा मुहूर्त
2 अप्रैल, गुरुवार सुबह 11:10 बजे से दोपहर 1:38 बजे तक
नवमी तिथि आरंभ – 03:39 (2 अप्रैल 2020)
नवमी तिथि समाप्त – 02:42 (3 अप्रैल 2020)
4 of 6
ramnavami 2020
रामनवमी के दिन ही गोस्वामी तुलसीदास जी ने रामचरित मानस की रचना आरंभ की
भगवान श्री राम का जन्म चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की नवमी के दिन पुनर्वसु नक्षत्र में अयोध्या में राजा दशरथ की बड़ी रानी कौशल्या की कोख से हुआ था। रामनवमी के दिन ही गोस्वामी तुलसीदास जी ने रामचरित मानस की रचना आरंभ की थी।
विज्ञापन
5 of 6
ramnavami 2020
शुभ है ये दिन
रामनवमी के पावन दिन घरों और मंदिरों में रामचरित मानस का पाठ किया जाता है। धार्मिक शास्त्रों के अनुसार, लंकापति रावण के अत्याचारों को खत्म करने के लिए भगवन विष्णु ने श्री राम अवतार लिया था। आपको बता दें की श्री राम विष्णु भगवान के सातवे अवतार हैं, जो त्रेतायुग में धर्मस्थापना के लिए धरती पर अवतरित हुए। इसी उपलक्ष में लोग श्री राम के जन्म की खुशियां मनाते हैं। रामनवमी के दिन ही नवरात्रि का समापन होता है।
कुछ लोग नवरात्री में पुरे नौ दिन का व्रत रखते हैं तो कई लोग आखिरी दिन श्री राम को याद करते हुए व्रत रखते हैं। ऐसी मान्यता है कि इस व्रत के रखने से और विधिवत पूजा हवन करने से उपवासकों की सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं और फल की प्राप्ति होती है।