फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Ram Navami 2021 Date: भगवान श्रीराम का जन्मोत्सव है राम नवमी, इस विधि से करें पूजा

Thu, 15 Apr 2021 06:34 PM IST
रुस्तम राणा ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
1 of 5
राम नवमी 2021 - फोटो : सोशल मीडिया
Ram Navami 2021 Date: राम नवमी 21 अप्रैल को है। भगवान श्रीराम का जन्मोत्सव हर साल चैत्र शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को मनाया जाता है। इस दिन भगवान राम की उपासना के लिए विशेष तैयारियां की जाती हैं। भक्तों के द्वारा व्रत रखा जाता है। इस दिन हवन और कन्या पूजन का भी विधान किया जाता है। लेकिन रामनवमी में हवन करने के दौरान कुछ बातों का विशेष ध्यान रखना चाहिए।
विज्ञापन

2 of 5
राम नवमी 2021 - फोटो : सोशल मीडिया
राम नवमी मुहूर्त 2021
नवमी तिथि प्रारम्भ – अप्रैल 21, 2021 को 00:43 बजे
नवमी तिथि समाप्त – अप्रैल 22, 2021 को 00:35 बजे 
पूजा मुहूर्त : सुबह 11 बजकर 02 मिनट से दोपहर 01 बजकर 38 मिनट तक है।
पूजा की कुल अवधि : 02 घंटे 36 मिनट 
रामनवमी मध्याह्न समय : दोपहर 12 बजकर 20 मिनट पर
विज्ञापन

3 of 5
राम नवमी 2021 - फोटो : SELF
हवन सामग्री
आम की लकड़ी, आम के पत्ते, पीपल का तना, छाल, बेल, नीम, गूलर की छाल, चंदन की लकड़ी, अश्वगंधा, मुलैठी की जड़, कपूर, तिल, चावल, लौंग, गाय की घी, इलायची, शक्कर, नवग्रह की लकड़ी, पंचमेवा, जटाधारी नारियल, गोला और जौ आदि हवन में प्रयोग होने वाली सभी सामग्री जुटाएं।

4 of 5
राम नवमी 2021: भगवान राम और माता सीता - फोटो : social media
राम नवमी हवन विधि
  • हवन पर बैठने वाले व्यक्ति को रामनवमी के दिन प्रातः जल्दी उठना चाहिए।
  • शौच आदि से निवृत्त होकर स्नान करने के बाद स्वच्छ कपड़े धारण करने चाहिए।
  • वैदिक शास्त्रों में ऐसा लिखा है कि यदि हवन पति-पत्नी साथ में करें तो उसका विशेष फल प्राप्त होता है। 
  • सबसे पहले किसी स्वच्छ स्थान पर हवन कुंड का निर्माण करें।
  • हवन कुंड में आम लकड़ी और कपूर से अग्नि प्रज्जवलित करें।
  • इसके बाद हवन कुंड में ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डयै विच्चै नमः का जाप करते हुए घी से माता के नाम की आहुति दें।
  • इसी के साथ अन्य देवी-देवताओं के नाम की आहुति दें। 
  • इसके बाद संपूर्ण हवन सामग्री से 108 बार हवन सामग्री को आहुति दें।
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
राम नवमी 2021: कन्या पूजन - फोटो : सोशल मीडिया
हवन के बाद करें यह कार्य
हवन के बाद माता जी की आरती करें। इसके बाद माता को खीर, हलवा, पूड़ी और चने का भोग लगाएं। कन्याओं को भी भोजन कराएं। प्रसाद बांटें। उन्हें दक्षिणा भी दें।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें