श्रवण नक्षत्र में भगवान श्रवण का पूजन विशेष फलदायी माना गया है। इसके बाद इसक दिन आटे से चौक पूजकर मिट्टी के छोटे से घड़े की स्थापना करें। एक थाली में रोली, अक्षत, कुमकुम, मिठाई, घी का दीया और राखी रखें। इसके बाद भाई को पूर्व दिशा की ओर बैठाकर रोली से तिलक करें और दाहिने हाथ की कलाई पर राखी बांधें।