रक्षाबंधन 2026
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रानी कर्णावती ने हुमायूं को भेजी थी राखी? (ऐतिहासिक कथा)
रक्षाबंधन से जुड़ी एक चर्चित कहानी रानी कर्णावती और मुगल शासक हुमायूं से भी संबंधित है। प्रचलित कथा के अनुसार, जब चित्तौड़ पर संकट आया, तब रानी कर्णावती ने हुमायूं को राखी भेजकर उनसे सहायता की उम्मीद की थी। कहा जाता है कि राखी के इस रिश्ते के माध्यम से उन्होंने हुमायूं से भाई के रूप में मदद मांगी थी। हालांकि, इस कहानी को लेकर इतिहास में मतभेद हैं। लोकप्रचलित कथाओं में इसका उल्लेख जरूर मिलता है, लेकिन इस घटना की पुष्टि करने वाला कोई ठोस और प्रमाणिक ऐतिहासिक दस्तावेज उपलब्ध नहीं है। इतिहासकार सतीश चंद्र ने भी इस प्रसंग के ऐतिहासिक प्रमाण को लेकर स्पष्टता नहीं मानी है। इसलिए कर्णावती और हुमायूं की राखी की कहानी को ऐतिहासिक तथ्य के बजाय एक लोकप्रिय लोककथा के रूप में देखना अधिक उचित माना जाता है। फिर भी यह कहानी रक्षाबंधन के उस व्यापक भाव को जरूर सामने लाती है, जिसमें राखी केवल भाई-बहन का रिश्ता नहीं, बल्कि विश्वास, सम्मान, सुरक्षा और अपनत्व का प्रतीक बन जाती है।
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