परशुराम जयंती
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क्यों मनाई जाती है परशुराम जयंती
भगवान परशुराम का जन्म वैशाख शुक्ल तृतीया के प्रदोष काल में हुआ था। इसलिए परंपरा के अनुसार जिस दिन प्रदोष काल में यह तिथि व्याप्त होती है, उसी दिन परशुराम जयंती मनाना अधिक शुभ माना जाता है। इसी आधार पर इस वर्ष 19 अप्रैल को ही परशुराम जयंती का पर्व मनाने का विधान बन रहा है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, भगवान परशुराम का स्मरण करने से व्यक्ति को साहस, शक्ति और धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा मिलती है। उनके जीवन से यह संदेश मिलता है कि अन्याय के विरुद्ध खड़ा होना ही सच्चा धर्म है।