एकादशी व्रत के सुबह के नियम
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सुबह के नियम (एकादशी का दिन)
स्नान और संकल्प: सूर्योदय से पहले उठकर स्नान करें और स्वच्छ कपड़े (संभव हो तो पीले वस्त्र) पहनें। हाथ में जल लेकर व्रत का संकल्प करें।
सूर्य देव को अर्घ्य: तांबे के लोटे से सूर्य देव को जल अर्पित करें।
मुख्य पूजा विधि
चौकी सजाएं: एक साफ चौकी पर पीला कपड़ा बिछाकर भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की मूर्ति या तस्वीर स्थापित करें।
पंचामृत स्नान: यदि लड्डू गोपाल या विष्णु जी की धातु की मूर्ति है, तो उन्हें गंगाजल और पंचामृत से स्नान कराएं।
श्रृंगार और भोग: भगवान को पीले चंदन का तिलक लगाएं, पीले फूल, तुलसी दल (तुलसी का पत्ता बेहद जरूरी है), धूप, दीप और नैवेद्य (पीली मिठाई या फल) अर्पित करें।
कथा और आरती: एकादशी व्रत की कथा पढ़ें या सुनें। इसके बाद घी का दीपक जलाकर भगवान विष्णु की आरती करें।