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Pradosh Vrat 2025: नवंबर में प्रदोष व्रत कब ? यहां जानें डेट, महत्व और पूजन विधि

Thu, 30 Oct 2025 03:36 PM IST
मेघा कुमारी धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

November Me Pradosh Vrat Kab Hai 2025: हिंदू धर्म में प्रदोष व्रत भगवान शिव की कृपा प्राप्त करने का सबसे शुभ अवसर है। इस दिन शिव पूजन करने से जीवन में सकारात्मक बदलाव आते हैं और सुख-समृद्धि भी वास करती हैं। 
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November Me Pradosh Vrat Kab Hai 2025 - फोटो : अमर उजाला
November Me Pradosh Vrat Kab Hai 2025: हिंदू धर्म में प्रदोष व्रत भगवान शिव की कृपा प्राप्त करने का सबसे शुभ अवसर है। इस दिन शिव पूजन करने से जीवन में सकारात्मक बदलाव आते हैं और सुख-समृद्धि भी वास करती हैं। यह व्रत प्रत्येक माह के शुक्ल और कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि पर रखा जाता है। इस दिन सूर्यास्त के बाद महादेव की उपासना का विधान है। इस दौरान शिवलिंग पर जलाभिषेक करने का खास महत्व होता है। इसके प्रभाव से भाग्य में वृद्धि होती हैं। साथ ही रोग-तनाव जैसी समस्याएं समाप्त होती हैं। वर्तमान में कार्तिक माह चल रहा है और इस माह में प्रदोष व्रत 3 नवंबर को रखा जाएगा। ऐसे में आइए इस दिन के शुभ योग और महत्व को जानते हैं।
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November Me Pradosh Vrat Kab Hai 2025 - फोटो : freepik
नवंबर में पहला प्रदोष व्रत कब है ?
  • इस बार कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि 3 नवंबर को सुबह 5 बजकर 7 मिनट से प्रारंभ हो रही है।
  • तिथि का समापन 4 नवंबर को देर रात 2:05 मिनट पर है।
  • उदया तिथि के मुताबिक, 3 नवंबर को प्रदोष व्रत रखा जाएगा, जो कार्तिक माह का अंतिम और  नवंबर का पहला प्रदोष व्रत है।
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November Me Pradosh Vrat Kab Hai 2025 - फोटो : adobe stock
शुभ मुहूर्त
  • प्रदोष व्रत में शुभ मुहूर्त शाम 5 बजकर 34 मिनट से प्रारंभ होकर रात 8:11 मिनट तक बना रहेगा।
  • अमृत चौघड़िया शाम में 4 बजकर 12 मिनट से 5 बजकर 34 मिनट तक।
  • चल चौघड़िया शाम में 5 बजकर 34 मिनट से 7 बजकर 12 मिनट तक।
  • गोधूलि मुहूर्त 5 बजकर 34 मिनट से 6 बजे तक।

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November Me Pradosh Vrat Kab Hai 2025 - फोटो : freepik
पूजा विधि
  • प्रदोष व्रत की पूजा के लिए चौकी पर लाल रंग का वस्त्र बिछाएं। फिर महादेव संग शिव परिवार की मूर्ति या तस्वीर को स्थापित करें।
  • शिवलिंग पर जल, शहद और दूध से अभिषेक करें। महादेव को चंदन लगाएं अब पूरे शिव परिवार को फूल माला पहनाएं।
  • इस दौरान पार्वती माता को सुहाग की चीजें अर्पित करें। यह शुभ होता है।
  • इसके बाद शिव जी को बेलपत्र और शमी का फूल अर्पित करें। फिर शुद्ध देसी घी से दीपक जलाएं।
  • मिठाई का भोग लगाएं और सुख-समृद्धि की कामना करें।
  • अंत में महादेव की आरती करें और अपनी क्षमतानुसार साबुत अनाज जैसे गेहूं, चावल आदि का दान कर सकते हैं।
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November Me Pradosh Vrat Kab Hai 2025 - फोटो : adobe
महामृत्युंजय मंत्र
ऊँ हौं जूं स: ऊँ भुर्भव: स्व: ऊँ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्।
ऊर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय मामृतात् ऊँ भुव: भू: स्व: ऊँ स: जूं हौं ऊँ।।

सुख और शांति प्राप्त करने का मंत्र
ॐ तत्पुरुषाय विद्महे महादेवाय धीमहि
तन्नो रुद्रः प्रचोदयात्!


डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।

 

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