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देवी का नौवां रूप सिद्धिदात्री का क्यों?

Mon, 10 Oct 2016 11:43 AM IST
राकेश्ा झा / टीम डिजिटल, अमर उजाला, दिल्ली।
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स‌िद्ध‌िदात्री
आज नवरात्र का दसवां द‌िन है और मां के भक्त स‌िद्ध‌िदात्री देवी की पूजा कर रहे हैं क्योंक‌ि आज नवमी त‌िथ‌ि है। देवीभाग्वत पुराण के अनुसार नवरात्र के अंत‌िम द‌िन यानी नवमी त‌िथ‌ि को मां के नवम रूप देवी स‌िद्ध‌िदात्री की पूजा करनी चाह‌िए। इसके पीछे क्या कारण है आइये जानें।
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देवी का नौवां रूप रूप स‌िद्ध‌िदात्री का क्यों?

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दुर्गा पूजा
शास्त्रों में कहा गया है कि माता सिद्धिदात्री से सिद्घियां पाने के लिए प्रतिपदा से नवमी तिथि तक मां के सभी नौ रूपों की पूजा करनी चाहिए। सभी देवियों के प्रसन्न होने पर ही मां सिद्धिदात्री की कृपा प्राप्त होती है। यही कारण है कि नवरात्र के अंतिम दिन मां सिद्धिदात्री की पूजा होती है।
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देवी का नौवां रूप रूप स‌िद्ध‌िदात्री का क्यों?

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नगर क्षेत्र के रौजा बाटा के पास दुर्गा पूजा समिति की आेर से स्‍थापित मा स्थापित मां दुर्गा की मनमोहक प्रतिमा।
मां सिद्घिदात्री के बारे में पुराणों में बताया गया है क‌ि यह कमल पर विराजमान रहती हैं और इनका वाहन सिंह है। माता की चार भुजाएं हैं। यह अपने हाथों में गदा, चक्र, शंख और कलम पुष्प धारण करती हैं। मां सिद्धिदात्री प्रसन्न होने पर भक्तों को मनोवांछित फल एवं सिद्धियां प्रदान करती हैं।

देवी का नौवां रूप रूप स‌िद्ध‌िदात्री का क्यों?

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दुर्गा पूजा
ऐसा मान्यता है कि भगवान शिव को अष्टसिद्धियां देवी सिद्धिदात्री से ही मिली हैं। नवमी के दिन मां उन भक्तों पर कृपा करती है जिन्होंने श्रद्धा भक्ति एवं समर्पण भाव से नवरात्र में उनकी पूजा की है।
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देवी का नौवां रूप रूप स‌िद्ध‌िदात्री का क्यों?

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दुर्गा पूजा
नवरात्र के द‌िन मां को प्रसन्न करने के ल‌िए मौसमी फलों एवं म‌िष्टान का भोग लगाना चाह‌िए। नवरात्र में इस द‌िन देवी सह‌ित उनके वाहन, सायुज यानी हथ‌ियार, योगन‌ियों एवं अन्य देवी देवताओं के नाम से हवन करने का व‌िधान है इससे भोग और मोक्ष की प्राप्त‌ि होती है।
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