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आज है नवरात्रि का पहला दिन, मां शैलपुत्री की पूजा से मिलता है सौभाग्य का आशीर्वाद, जानें विधि, मंत्र और महत्व

Sun, 11 Oct 2026 06:32 AM IST
श्वेता सिंह धर्म डेस्क, अमर उजाला

सार

नवरात्रि के पहले दिन मां शैलपुत्री की पूजा का विशेष महत्व है। मान्यता है कि विधि-विधान से पूजा और मंत्र जाप करने से सुख-समृद्धि और सौभाग्य का आशीर्वाद मिलता है। जानें पूजा विधि, मंत्र और धार्मिक महत्व।
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Maa Shailputri - फोटो : amar ujala

शारदीय नवरात्रि का पावन पर्व आज, 11 अक्तूबर 2026, रविवार से शुरू हो गया है। नवरात्रि के पहले दिन मां दुर्गा के प्रथम स्वरूप मां शैलपुत्री की पूजा-अर्चना की जाती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मां शैलपुत्री की विधि-विधान से पूजा करने से जीवन में सुख-समृद्धि, सौभाग्य और आरोग्य का आशीर्वाद मिलता है। जिन लोगों के विवाह में बाधाएं आ रही हैं, वे भी श्रद्धा के साथ मां शैलपुत्री की उपासना करते हैं। नवरात्रि के पहले दिन कलश स्थापना और जौ बोने की परंपरा भी निभाई जाती है। आइए जानते हैं मां शैलपुत्री की पूजा विधि, शुभ मुहूर्त, मंत्र और धार्मिक महत्व।

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मां शैलपुत्री को नवदुर्गा का प्रथम स्वरूप माना जाता है। - फोटो : Amar Ujala
मां शैलपुत्री की पूजा क्यों की जाती है?
मां शैलपुत्री को नवदुर्गा का प्रथम स्वरूप माना जाता है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, वे पर्वतराज हिमालय की पुत्री हैं। इसी कारण उन्हें शैलपुत्री कहा जाता है। मां शैलपुत्री के एक हाथ में त्रिशूल और दूसरे हाथ में कमल सुशोभित होता है। वे वृषभ यानी बैल पर सवार रहती हैं। शारदीय नवरात्रि के पहले दिन मां शैलपुत्री की पूजा करने का विशेष महत्व है। मान्यता है कि उनकी आराधना से भक्तों को सुख, शांति, समृद्धि और सौभाग्य की प्राप्ति होती है। मां की कृपा से जीवन में सकारात्मकता आती है और भक्तों को कठिन परिस्थितियों का सामना करने की शक्ति मिलती है।
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मां शैलपुत्री की पूजा का शुभ मुहूर्त - फोटो : adobe
मां शैलपुत्री की पूजा का शुभ मुहूर्त
शारदीय नवरात्रि के पहले दिन घटस्थापना के साथ पूजा की शुरुआत की जाती है। दिए गए पंचांग विवरण के अनुसार, 11 अक्तूबर 2026 को घटस्थापना के शुभ मुहूर्त इस प्रकार हैं:
घटस्थापना मुहूर्त: सुबह 6:31 बजे से 10:27 बजे तक
अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 12:01 बजे से 12:49 बजे तक

धार्मिक परंपरा के अनुसार, घटस्थापना के लिए घर की उत्तर-पूर्व दिशा यानी ईशान कोण को शुभ माना जाता है। पूजा से पहले स्थान को अच्छी तरह साफ करके मां दुर्गा की प्रतिमा या तस्वीर स्थापित करें।

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मां शैलपुत्री की पूजा विधि - फोटो : अमर उजाला
मां शैलपुत्री की पूजा विधि
  • नवरात्रि के पहले दिन सुबह स्नान करके स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
  • इसके बाद पूजा स्थल की सफाई करके मां दुर्गा और मां शैलपुत्री की प्रतिमा या तस्वीर स्थापित करें।
  • शुभ मुहूर्त में विधि-विधान से कलश स्थापना करें और मिट्टी के पात्र में जौ बोएं।
  • इसके बाद मां शैलपुत्री को फूल, अक्षत, चंदन, धूप, दीप और फल अर्पित करें।
  • मां को सफेद रंग के फूल और सफेद रंग की मिठाई अर्पित करना शुभ माना जाता है।
  • इसके बाद मां शैलपुत्री के मंत्र का जाप करें और श्रद्धापूर्वक दुर्गा चालीसा या दुर्गा सप्तशती का पाठ करें।
  • अंत में मां की आरती करें और परिवार की सुख-समृद्धि के लिए प्रार्थना करें।
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शैलपुत्री - फोटो : ai
मां शैलपुत्री का मंत्र
नवरात्रि के पहले दिन मां शैलपुत्री की आराधना करते समय इस मंत्र का जाप किया जा सकता है:
ॐ ऐं ह्रीं क्लीं शैलपुत्र्यै नमः।
धार्मिक मान्यता है कि श्रद्धा और एकाग्रता के साथ मां के मंत्र का जाप करने से मन को शांति मिलती है और भक्तों में सकारात्मक भाव का संचार होता है।
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मां शैलपुत्री की पूजा का धार्मिक महत्व - फोटो : adobe stock
मां शैलपुत्री की पूजा का धार्मिक महत्व
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मां शैलपुत्री की पूजा से सुख-समृद्धि, सौभाग्य और आरोग्य की कामना की जाती है। विवाह में बाधाओं का सामना कर रहे लोग भी मां की आराधना करते हैं। माना जाता है कि मां अपने भक्तों को धैर्य, शक्ति और कठिनाइयों से लड़ने का साहस प्रदान करती हैं। नवरात्रि के पहले दिन मां शैलपुत्री की पूजा के साथ भक्त नौ दिनों तक चलने वाले व्रत और साधना का संकल्प लेते हैं। इन दिनों मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा की जाती है। भक्त अपनी श्रद्धा और सामर्थ्य के अनुसार व्रत रखते हैं, मंत्र जाप करते हैं और पूजा-अर्चना में शामिल होते हैं।
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दुर्गा सप्तशती पाठ - फोटो : ai
नवरात्रि में दुर्गा सप्तशती के पाठ का महत्व
शारदीय नवरात्रि के दौरान दुर्गा सप्तशती का पाठ करना भी विशेष फलदायी माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस पाठ से भक्तों को साहस, आत्मविश्वास और मानसिक शांति की अनुभूति होती है। नवरात्रि में मां दुर्गा की आराधना करते समय दुर्गा सप्तशती, दुर्गा चालीसा और देवी मंत्रों का पाठ किया जा सकता है। इस प्रकार, शारदीय नवरात्रि के पहले दिन मां शैलपुत्री की पूजा करके भक्त मां दुर्गा से सुख, शांति, आरोग्य और समृद्धि का आशीर्वाद मांगते हैं।

डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।
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