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चैत्र नवरात्रि 2018: सिद्धि प्राप्ति के लिए दूसरे दिन करें मां ब्रह्मचारिणी की पूजा

Mon, 19 Mar 2018 09:19 AM IST
धर्म डेस्क, अमर उजाला
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नवरात्रि के दूसरे दिन मां के दूसरे स्वरूप ब्रहमचारिणी की पूजा की जाती है। ब्रहाचारिणी दो शब्दो से मिलकर बना है, ब्रह्रा जिसका का अर्थ होता है तपस्या और चारिणी का मतलब आचरण करने वाली। नवरात्रि में मां ब्रहमचारिणी की पूजा करने से व्यक्ति में तप, त्याग और संयम में वृद्धि होती है।
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मां दुर्गा के नौ स्वरूपों में देवी ब्रह्राचारिणी दूसरा स्वरूप है। मां ब्रह्राचारिणी हमेशा कठोर तपस्या में लीन रहती है। मां के हाथों में माला और दूसरे हाथ में कमंडल होता है। 
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देवी की उपासना में इस मंत्र का जाप करना उत्तम रहेगा।

दधाना करपद्माभ्यामक्षमालाकमण्डलू। देवी प्रसीदतु मयि ब्रह्मचारिण्यनुत्तमा॥

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मां ने भगवान शिव को पति रुप में पाने के लिए हजार सालो तक कठिन तप और उपवास किया था। शास्त्रो के अनुसार मां ने कठिन से कठिन परिस्थितियों में भी भगवान भोलेनाथ की तपस्या में लीन रही। टूटे हुए बिल्व पत्र खाए और भगवान शंकर की आराधना की। घोर तपस्या के बाद भगवान शिव के पति रूप में प्राप्त होने का वरदान मिला।
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जो भक्तगण मां ब्रह्राचारिणी देवी की पूजा करता है उसे सर्वत्र और विजय की प्राप्ति होती है। इस दिन ऐसी कन्याओं का पूजन किया जाता है कि जिनका विवाह तय हो गया है लेकिन अभी शादी नहीं हुई है। 

 
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