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नवरात्रि 2017 दूसरा दिन: आज करें मां ब्रह्मचारिणी की पूजा, जानिए पूरी कथा

Fri, 22 Sep 2017 10:38 AM IST
amarujala.com- Presented by: विनोद शुक्ला
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नवरात्रि 2017
नवरात्रि २०१७: आज नवरात्रि का दूसरा दिन है। नवरात्रि के दूसरे दिन मां के दूसरे स्वरूप ब्रहमचारिणी की पूजा-आराधना की जाती है। ब्रहाचारिणी दो शब्दो से मिलकर बना है, ब्रह्रा जिसका का अर्थ होता है तपस्या और चारिणी का मतलब आचरण करने वाली। नवरात्रि में मां ब्रहमचारिणी की पूजा करने से व्यक्ति में तप, त्याग और संयम में वृद्धि होती है।

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नवरात्रि
मां दुर्गा के नौ स्वरूपों में देवी ब्रह्राचारिणी का दूसरा स्वरूप है। मां ब्रह्राचारिणी हमेशा कठोर तपस्या में लीन रहती है। मां के हाथों में माला और दूसरे हाथ में कमंडल होता है। देवी की उपासना में इस मंत्र का जाप करना चाहिए।

दधाना करपद्माभ्यामक्षमालाकमण्डलू। देवी प्रसीदतु मयि ब्रह्मचारिण्यनुत्तमा॥
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देवी ब्रह्राचारिणी
मां ने भगवान शिव को पति रुप में पाने के लिए हजार सालो तक कठिन तप और उपवास किया था। शास्त्रो के अनुसार मां ने कठिन से कठिन परिस्थितियों  में भगवान भोलेनाथ की तपस्या में लीन रही। हजार वर्षों तक टूटे हुए बिल्व पत्र खाए और भगवान शंकर की आराधना करती रहीं। कई हजार वर्षों तक बिना पानी के  और निराहार रह कर तपस्या करती रहीं।

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ब्रह्राचारिणी
घोर तपस्या के बाद भगवान शिव के पति रूप में प्राप्त होने का वरदान मिला। इससे बाद मां अपने पिता के घर लौट आई। इस कारण से मां का यह रूप तपस्या और आराधना का प्रतीक माना जाता है। 

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नवरात्रि 2017
जो भक्तगण मां ब्रह्राचारिणी देवी की पूजा करता है उसे सर्वत्र और विजय की प्राप्ति होती है। इस दिन ऐसी कन्याओं का पूजन किया जाता है कि जिनका विवाह तय हो गया है लेकिन अभी शादी नहीं हुई है। इन्हें अपने घर बुलाकर पूजन के पश्चात भोजन कराकर वस्त्र, पात्र आदि भेंट किए जाते हैं।
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