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May Month Vrat Tyohar: बुद्ध पूर्णिमा और शनि जयंती समेत मई में कई प्रमुख व्रत-त्योहार, यहां देखें पूरी लिस्ट

Thu, 30 Apr 2026 05:08 PM IST
Shweta Singh धर्म डेस्क, अमर उजाला

सार

मई 2026 के व्रत-त्योहार कैलेंडर में बुद्ध पूर्णिमा, शनि जयंती, गंगा दशहरा, तेलुगु हनुमान जयंती और प्रमुख ग्रह गोचर की सभी महत्वपूर्ण तिथियां और शुभ दिन विस्तार से जानें।
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मई माह के व्रत त्योहार लिस्ट - फोटो : amar ujala
May Maah Ke Vrat Tyohar: मई का महीना धार्मिक आस्था, व्रत-पूजा और आध्यात्मिक ऊर्जा के साथ-साथ ग्रह गोचर के लिहाज से भी काफी महत्वपूर्ण माना जाता है। इस दौरान एक ओर जहां कई प्रमुख व्रत और त्योहार पड़ते हैं, वहीं दूसरी ओर ग्रहों की स्थिति में होने वाले बदलाव भी जीवन पर विशेष प्रभाव डालते हैं। यही कारण है कि ज्योतिष और धर्म दोनों ही दृष्टिकोणों से यह महीना खास बन जाता है। इस महीने की शुरुआत बुद्ध पूर्णिमा से होगी, जो ज्ञान और करुणा का संदेश देती है। इसके बाद मध्य में आने वाली शनि जयंती कर्म और न्याय के देवता शनि देव की उपासना के लिए महत्वपूर्ण है, वहीं  अंत में गंगा दशहरा के रूप में मां गंगा के अवतरण का पावन पर्व मनाया जाएगा। इसके अलावा  हनुमान जयंती भी इसी महीने में आती है जो शक्ति, भक्ति और साहस का प्रतीक है।
खास बात यह है कि मई में कई ग्रह अपनी राशि बदलते हैं या विशेष स्थिति में आते हैं, जिसे ग्रह गोचर कहा जाता है। इन गोचरों का प्रभाव व्यक्ति की राशि, करियर, स्वास्थ्य और पारिवारिक जीवन पर पड़ सकता है। इसलिए इस महीने को न सिर्फ व्रत-त्योहार और दान-पुण्य के लिए शुभ माना जाता है, बल्कि ज्योतिषीय दृष्टि से भी इसे बेहद महत्वपूर्ण समय माना जाता है। ऐसे में आइए विस्तार से जानते हैं मई महीने में पड़ने वाले सभी व्रत-त्योहारों और प्रमुख ग्रह गोचर के बारे में।
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मई माह के व्रत त्योहार - फोटो : अमर उजाला
तिथि  व्रत-त्योहार
1 मई कूर्म जयन्ती, बुद्ध पूर्णिमा, चण्डिका जयन्ती, चित्रा पूर्णनामी, वैशाख पूर्णिमा व्रत, वैशाख पूर्णिमा
 
2 मई नारद जयंती, ज्येष्ठ माह का आरंभ
5 मई एकदन्त संकष्टी, पहला बड़ा मंगल
9 मई कालाष्टमी, मासिक कृष्ण जन्माष्टमी
12 मई हनुमान जयन्ती, दूसरा बड़ा मंगल
13 मई कृष्ण परशुराम द्वादशी, अपरा एकादशी
14 मई अपरा एकादशी पारण, गुरु प्रदोष व्रत
15 मई वृषभ संक्रान्ति, मासिक शिवरात्रि
16 मई वट सावित्री व्रत, शनि जयन्ती, मासिक कार्तिगाई, दर्श अमावस्या
18 मई रोहिणी व्रत
19 मई तीसरा बड़ा मंगल
20 मई वरद चतुर्थी
21 मई अधिक स्कन्द षष्ठी
23 मई अधिक मासिक दुर्गाष्टमी
25 मई गंगा दशहरा
26 मई चौथा बड़ा मंगल
27 मई अधिक रामलक्ष्मण द्वादशी, पद्मिनी एकादशी
28 मई गुरु प्रदोष व्रत
31 मई ज्येष्ठ अधिक पूर्णिमा
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मई माह के ग्रह गोचर - फोटो : amar ujala
मई माह के ग्रह गोचर 

1 मई – बुध अस्त (मेष राशि में)
इस समय संवाद, फैसलों और कामकाज में थोड़ी रुकावट या भ्रम की स्थिति बन सकती है।

2 मई – मंगल का मेष में गोचर (रूचक राजयोग)
मंगल अपने ही घर मेष में आकर ऊर्जा और साहस बढ़ाएगा। लोगों में काम करने का जोश रहेगा, लेकिन गुस्सा, विवाद और जल्दबाजी भी बढ़ सकती है।

7 मई – बुध का मेष में प्रवेश
शुरुआत में सोच और बातचीत तेज होगी, लेकिन बाद में गलतफहमियां और कामों में देरी हो सकती है।

11 मई – मंगल का प्रभाव और तेज
इस समय ऊर्जा और आक्रामकता दोनों बढ़ सकती हैं, इसलिए संयम जरूरी रहेगा।

14 मई – शुक्र का मिथुन में गोचर
रिश्तों, प्रेम, कला और रचनात्मकता में सुधार होगा। नए संबंध बनने के योग भी बन सकते हैं।

15 मई – सूर्य वृषभ में
आत्मविश्वास और स्थिरता बढ़ेगी, लेकिन जल्दबाजी से बचना होगा। करियर में धीरे-धीरे स्थिर प्रगति होगी।

15 मई – बुध वृषभ में
सोच-समझकर निर्णय लेने का समय रहेगा, आर्थिक मामलों में सावधानी जरूरी होगी।

18 मई – राहु-केतु का गोचर (कुंभ में)
अचानक बदलाव, भ्रम या दिशा बदलने जैसी स्थितियां बन सकती हैं।

26 मई – बुध का उदय
रुके हुए कामों में सुधार होगा और निर्णय क्षमता बेहतर होगी।

29 मई – बुध का मिथुन में गोचर
बुद्धि, व्यापार और संवाद में तेजी आएगी, नए अवसर मिल सकते हैं।

31 मई – शुक्र का मेष में गोचर
आकर्षण, प्रेम और रचनात्मक कामों में बढ़ोतरी होगी, लेकिन खर्च और दिखावे पर नियंत्रण रखना जरूरी रहेगा।

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May Maah Ke Vrat Tyohar - फोटो : adobestock

वट सावित्री व्रत 
वट सावित्री व्रत हर साल ज्येष्ठ महीने की अमावस्या तिथि को रखा जाता है। यह व्रत विशेष रूप से विवाहित महिलाओं के लिए महत्वपूर्ण होता है, जो अपने पति की लंबी उम्र और सुखी वैवाहिक जीवन की कामना से इसे रखती हैं। इस दिन बरगद (वट) के पेड़ की विधि-विधान से पूजा की जाती है। साल 2026 में ज्येष्ठ अमावस्या तिथि 16 मई की सुबह 5:11 बजे से शुरू होकर 17 मई की रात 1:30 बजे तक रहेगी। उदया तिथि को मान्यता देने के कारण यह व्रत 16 मई 2026, शनिवार को रखा जाएगा।

अधिक मास 
हिंदू पंचांग के अनुसार, इस बार ज्येष्ठ मास में अधिक मास भी पड़ रहा है, जिसे बहुत ही पुण्यदायी माना जाता है। यह अधिक मास 17 मई 2026 से शुरू होकर 15 जून 2026 तक चलेगा। इस दौरान पूजा-पाठ, दान-पुण्य और धार्मिक अनुष्ठानों का विशेष महत्व होता है।

शनि जयंती 
शनि जयंती हर साल ज्येष्ठ अमावस्या के दिन मनाई जाती है। यह दिन भगवान शनिदेव की पूजा के लिए बेहद खास माना जाता है। साल 2026 में शनि जयंती 16 मई, शनिवार को ही मनाई जाएगी, जिसे शनि अमावस्या भी कहा जाता है। इस दिन विशेष रूप से शाम के समय शनिदेव की पूजा करना शुभ माना जाता है। पूजा के लिए 7:05 बजे से 8:23 बजे तक का समय अनुकूल रहेगा।



डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।

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