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Vinayak Chaturthi 2024: मार्गशीर्ष विनायक चतुर्थी पर बन रहे हैं धन वृद्धि के योग, जानें शुभ तिथि और विधि

Tue, 03 Dec 2024 07:39 AM IST
ज्योति मेहरा धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

इस वर्ष मार्गशीर्ष विनायक चतुर्थी 5 दिसंबर को मनाई जाएगी। विनायक चतुर्थी पर कई शुभ योग बन रहे हैं, जिसमें भगवान गणेश की पूजा करने से धन वृद्धि के संयोग भी बनते हैं। आइए इसके बारे में विस्तार से जानते हैं। 
 
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मार्गशीर्ष विनायक चतुर्थी 2024 - फोटो : Amar Ujala
Vinayak Chaturthi 2024: विनायक चतुर्थी का पावन पर्व हर महीने की शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि को मनाया जाता है। इस वर्ष मार्गशीर्ष विनायक चतुर्थी 5 दिसंबर को मनाई जाएगी। इस दिन भगवान गणेश की विशेष विधि से पूजा-अर्चना की जाती है। साथ ही शुभ कार्यों में सफलता प्राप्त करने के लिए व्रत भी रखा जाता है। भगवान गणेश को सभी प्रकार के विघ्नों को दूर करने वाला देवता माना जाता है। उनकी पूजा करने से सुख-समृद्धि और सभी मनोकामनाओं की पूर्ति होती है।

मार्गशीर्ष विनायक चतुर्थी 2024 की तिथि 
पंचांग के अनुसार मार्गशीर्ष माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि 4 दिसंबर को दोपहर 1:10 बजे आरंभ होकर 5 दिसंबर को दोपहर 12:49 बजे समाप्त होगी। इस दिन चंद्रोदय का समय रात 9:07 बजे है, और साधक 5 दिसंबर को व्रत रख सकते हैं।
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विनायक चतुर्थी पर बनने वाले शुभ योग - फोटो : freepik
विनायक चतुर्थी पर बनने वाले शुभ योग
इस दिन वृद्धि योग दोपहर 12:28 बजे तक रहेगा, जिसके बाद ध्रुव योग का प्रारंभ होगा। इसके साथ ही शाम 5:26 बजे तक रवि योग का संयोग रहेगा। दुर्लभ भद्रावास योग भी इस दिन बन रहा है। इन सभी योगों में भगवान गणेश की पूजा करने से विशेष फल की प्राप्ति होती है और जीवन में सुख-शांति और सौभाग्य का वास होता है।
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विनायक चतुर्थी पूजा विधि - फोटो : freepik
विनायक चतुर्थी पूजा विधि
इस दिन श्रद्धालु सुबह जल्दी उठकर स्नान करने के बाद भगवान गणेश की पूजा करते हैं। इसके बाद शाम को गणेश प्रतिमा को ताजे फूलों से सजाया जाता है। चंद्र दर्शन के बाद गणेशजी की कथा पढ़ी जाती है, और उसके बाद ही व्रत पूर्ण होता है।

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चतुर्थी तिथियों का महत्व - फोटो : freepik
चतुर्थी तिथियों का महत्व
हिन्दू पंचांग के अनुसार, हर महीने दो चतुर्थी तिथियां आती हैं। पूर्णिमा के बाद आने वाली चतुर्थी को संकष्टी चतुर्थी कहा जाता है, जबकि अमावस्या के बाद की चतुर्थी को विनायक चतुर्थी कहा जाता है। पूरे वर्ष में लगभग 12 या 13 विनायक चतुर्थियां आती हैं। भारत के कई हिस्सों में इसे बड़े उत्साह के साथ मनाया जाता है।
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विनायक चतुर्थी का महत्व - फोटो : freepik
विनायक चतुर्थी का महत्व
विनायक चतुर्थी को "वरद विनायक चतुर्थी" के नाम से भी जाना जाता है। वरद का अर्थ है मनोकामनाओं की पूर्ति का आशीर्वाद। इस दिन व्रत करने वाले भक्तों को भगवान गणेश ज्ञान और धैर्य का आशीर्वाद देते हैं। ये गुण व्यक्ति को जीवन में सफलता और समृद्धि की ओर ले जाते हैं। मार्गशीर्ष विनायक चतुर्थी पर विधि-विधान से पूजा करके भगवान गणेश की कृपा प्राप्त होती है जीवन से समस्त कष्ट दूर हो जाते हैं।



डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): ये लेख लोक मान्यताओं पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है। 
 
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