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Makar Sankranti 2020: मकर संक्रांति पर पतंग क्यों उड़ाते हैं? इसके पीछे है ये वैज्ञानिक कारण

Fri, 10 Jan 2020 09:02 AM IST
रुस्तम राणा धर्म डेस्क, अमर उजाला
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मकर संक्रांति 2020
मकर संक्रांति के दिन पतंग उड़ाने की परंपरा है। इस दिन आसमान में रंग-बिरंगी पतंगें दिखाई देती हैं। पूरे उत्तर भारत का ही आलम यही होता है। कई जगहों पर तो पतंग उड़ाने की प्रतियोगिताएं भी आयोजित की जाती हैं। पर क्या आप यह जानते हैं कि मकर संक्रांति के दिन पतंग क्यों उड़ाई जाती है। आइए जानते हैं इसके बारे में..
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मकर संक्रांति 2020
मकर संक्रांति के दिन पतंग उड़ाकर यह त्योहार मनाने का चलन काफी प्रचलित है। पतंग उड़ाने का रिवाज मकर संक्रांति के साथ जुड़ा हुआ है। मकर संक्रांति के दिन अक्सर अपने घरों की छतों से पतंग उड़ाकर इस त्योहार का जश्न मनाते हैं। इस दिन सूर्य से मिलने वाली धूप का उनके शरीर को फायदा मिलता है। 
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मकर संक्रांति 2020
कहा जाता है कि सर्दियों में हमारा शरीर खांसी, जुकाम और अन्य कई संक्रमण से प्रभावित होता है मकर संक्रांति के दिन सूर्य उतारायण में होता है। सूर्य के उतरायण में जाने के समय उससे निकलने वाली सूर्य की किरणें मानव शरीर के लिए औषधि का काम करती हैं। इसलिए पतंग उड़ाने के शरीर को लगातार शरीर को सूर्य से सेंक मिलता है और उससे हमारा शरीर स्वस्थ रहता है।

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मकर संक्रांति 2020 - फोटो : makar sankranti 2020
एक मान्यता के अनुसार, त्रेतायुग में भगवान श्री राम ने मकर संक्रांति के दिन ही अपने भाइयों और श्री हनुमान के साथ पतंग उड़ाई थी, इसलिए तब से यह परंपरा पूरी दुनिया में प्रचलित हो गई। प्राचीन भारतीय साहित्य और धार्मिक ग्रंथों में भी पतंगबाजी का काफी उल्लेख मिलता है।
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मकर संक्रांति 2020 - फोटो : Pixabay
हिंदू पंचांग के अनुसार पौष माह में जब सूर्य मकर राशि में आता है तब ये पर्व मनाया जाता है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार माना जाता है कि इस दिन देव भी धरती पर अवतरित होते हैं और आत्मा को मोक्ष की प्राप्ति होती है। 
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मकर संक्रांति 2020
मकर संक्रांति के दिन पुण्य, दान, जप तथा धार्मिक अनुष्ठानों का महत्व माना जाता है। इस दिन भगवान को खिचड़ी का भोग लगाया जाता है। कई स्थानों पर इस दिन मृत पूर्वजों की आत्मा की शांति के लिए खिचड़ी दान करने की परंपरा भी माना जाती है।
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