स्न्ाान-दान से पुण्य मिलेगा
मकर संक्रांति के अवसर पर प्रातः सूर्योदय से पूर्व गंगा, यमुना आदि पवित्र नदियों में स्नान करके सूर्योदय होने पर तांबे के बर्तन में जल, गुड़, लाल चंदन, रोली और लाल पुष्प लेकर 'ॐ घृणि सूर्याय नमः' मंत्र का निरंतर उच्चारण करते हुए सूर्य देव को अर्घ्य देना चाहिए। अगर पवित्र नदियों में स्नान करना संभव न हो, तो घर पर ही नहाने के पानी में थोड़ा गंगा जल मिलाकर 'ॐ गंगे मां नमः' मंत्र का जप करते हुए स्नान करें। स्नान के बाद श्रद्धानुसार, मूंग की दाल और चावल की खिचड़ी, तिल, गुड़, घी, नमक, तिल और गुड़ या चीनी से बनी गजक, उड़द की दाल आदि के अलावा दैनिक उपयोग में काम आने वाली वस्तुओं का दान गरीबों एवं जरूरतमंदों को करना चाहिए।