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Maha Shivratri 2026: महाशिवरात्रि पर रुद्राक्ष के 5 चमत्कारी उपाय, प्रसन्न होंगे देवों के देव महादेव

Sat, 14 Feb 2026 11:28 AM IST
श्वेता सिंह धर्म डेस्क, अमर उजाला

सार

Rudraksha Ke Upay: महाशिवरात्रि 2026 का पर्व 15 फरवरी को मनाया जाएगा। इस दिन रुद्राक्ष धारण और विशेष मंत्र जप का महत्व बताया गया है। रुद्राक्ष के उपायों से सुख-समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त हो सकती है। भगवान शिव की कृपा पाने के लिए यह दिन अत्यंत शुभ माना जाता है।
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महाशिवरात्रि 2026 - फोटो : amar ujala

Mahashivratri Par Karein Rudraksh Ke Upay: महाशिवरात्रि भगवान शिव की उपासना का अत्यंत पवित्र और फलदायी पर्व माना जाता है। हिंदू पंचांग के अनुसार वर्ष 2026 में यह महापर्व 15 फरवरी को मनाया जाएगा। इस दिन श्रद्धालु व्रत रखकर और विधि-विधान से शिवलिंग का जल, दूध, बेलपत्र और अन्य पूजन सामग्रियों से अभिषेक करते हैं। मान्यता है कि महाशिवरात्रि पर की गई आराधना सामान्य दिनों की तुलना में कई गुना अधिक फलदायी होती है और भक्तों को विशेष आध्यात्मिक ऊर्जा प्रदान करती है।
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धार्मिक ग्रंथों में रुद्राक्ष को भगवान शिव का प्रिय और पवित्र प्रतीक बताया गया है। शिव पुराण के अनुसार रुद्राक्ष की उत्पत्ति महादेव के आंसुओं से हुई थी, इसलिए इसे दिव्य और प्रभावशाली माना जाता है। ऐसी मान्यता है कि महाशिवरात्रि के दिन रुद्राक्ष से जुड़े उपाय करने से आर्थिक संकट, करियर संबंधी बाधाएं और मानसिक तनाव दूर हो सकते हैं। इस शुभ अवसर पर किए गए ये विशेष उपाय जीवन में सुख, समृद्धि और सकारात्मक बदलाव ला सकते हैं।
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Rudraksh - फोटो : freepik
  • अगर आप लंबे समय से आर्थिक तंगी, कर्ज या पैसों की कमी से जूझ रहे हैं, तो महाशिवरात्रि के दिन गौरी-शंकर रुद्राक्ष का विशेष पूजन करना शुभ माना जाता है। इस दिन तांबे के पात्र में स्वच्छ जल भरकर उसमें गौरी-शंकर रुद्राक्ष रखें और उसी जल से शिवलिंग का अभिषेक करें। पूजा के बाद उस रुद्राक्ष को श्रद्धा से अपनी तिजोरी या धन रखने के स्थान पर स्थापित कर दें। मान्यता है कि ऐसा करने से धन संबंधी अड़चनें दूर होती हैं और आय के नए मार्ग खुलने लगते हैं।
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महाशिवरात्रि की रात रुद्राक्ष को गंगाजल और दूध से शुद्ध करें। - फोटो : adobe
  • करियर और व्यापार में लगातार मेहनत के बावजूद सफलता नहीं मिल रही हो, तो तीन मुखी या चौदह मुखी रुद्राक्ष धारण करना लाभकारी माना गया है। महाशिवरात्रि की रात रुद्राक्ष को गंगाजल और दूध से शुद्ध करें। इसके बाद शिव मंदिर जाकर उसे भगवान शिव के चरणों से स्पर्श कराएं और ‘ॐ नमः शिवाय’ मंत्र का 108 बार जप करें। फिर लाल धागे में पिरोकर गले में धारण करें। यह उपाय आत्मविश्वास बढ़ाने और कार्यक्षेत्र में सकारात्मक परिणाम लाने में सहायक माना जाता है।

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विवाह में देरी या दांपत्य जीवन में तनाव की स्थिति हो, तो दो मुखी रुद्राक्ष का उपाय किया जा सकता है। - फोटो : freepik
  • विवाह में देरी या दांपत्य जीवन में तनाव की स्थिति हो, तो दो मुखी रुद्राक्ष का उपाय किया जा सकता है। महाशिवरात्रि के दिन इसे भगवान शिव और माता पार्वती को अर्पित करें। पूजा के पश्चात इस रुद्राक्ष को अपने शयनकक्ष या पूजा स्थान में स्थापित करें। धार्मिक मान्यता है कि इससे पति-पत्नी के बीच प्रेम, समझ और सामंजस्य में वृद्धि होती है और रिश्तों में मधुरता आती है।
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शिव पूजा के बाद उस जल को पूरे घर में छिड़कें।
  • घर में नकारात्मक ऊर्जा, बार-बार नजर लगना या मानसिक बेचैनी महसूस हो रही हो, तो पंचमुखी रुद्राक्ष का प्रयोग करें। महाशिवरात्रि से एक रात पहले इसे तांबे के बर्तन में पानी भरकर भिगो दें। अगले दिन शिव पूजा के बाद उस जल को पूरे घर में छिड़कें। ऐसा माना जाता है कि इससे वातावरण शुद्ध होता है और नकारात्मक शक्तियों का प्रभाव कम होता है।
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एक मुखी या पंचमुखी रुद्राक्ष धारण करना शुभ बताया गया है। - फोटो : freepik
  • बेहतर स्वास्थ्य और मानसिक शांति के लिए एक मुखी या पंचमुखी रुद्राक्ष धारण करना शुभ बताया गया है। महाशिवरात्रि के दिन विधि-विधान से पूजन कर इसे पहनने से तनाव कम होता है और आत्मबल में वृद्धि होती है। यदि किसी कारणवश आप इसे धारण नहीं कर सकते, तो इसे अपने सिरहाने रखकर सो सकते हैं। मान्यता है कि इससे बुरे सपनों से राहत मिलती है और मन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।


डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।
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