अक्षत हमेशा साफ, साबुत और पूर्ण होना चाहिए।
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अक्षत (चावल) का नियम
महाशिवरात्रि के दिन शिवलिंग पर अर्पित अक्षत हमेशा साफ, साबुत और पूर्ण होना चाहिए। टूटे या खंडित चावल (खंडित अक्षत) अर्पित करना वर्जित है, क्योंकि इससे पूजा अधूरी मानी जाती है। शुद्ध और साबुत अक्षत श्रद्धा और पूजा की पूर्णता का प्रतीक है।
इन सभी नियमों का पालन करके की गई शिव पूजा न केवल धार्मिक दृष्टि से सही मानी जाती है, बल्कि इससे मन को शांति और सकारात्मक ऊर्जा भी प्राप्त होती है। महाशिवरात्रि के पावन दिन पर इन नियमों के अनुसार पूजा करने से भगवान शिव की विशेष कृपा अवश्य प्राप्त होती है और भक्त की सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।
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