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Magh Gupt Navratri 2021: 12 फरवरी से शुरू हैं गुप्त नवरात्रि, दसमहाविद्याओं की कृपा पाने के लिए करें इन मंत्रों का जाप

Mon, 08 Feb 2021 04:28 PM IST
Shashi Shashi धर्म डेस्क, अमर उजाला
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माघ गुप्त नवरात्रि 2021
माघ मास में पड़ने वाली नवरात्रि को गुप्त नवरात्रि कहा जाता है। 12 फरवरी दिन शुक्रवार से गुप्त नवरात्रि का आरंभ हो रहा है। इस नवरात्रि में मां आदिशक्ति की दस महाविद्याओं की पूजा का विधान है। गुप्त नवरात्रि तंत्र साधना करने वालों के लिए विशेष महत्व रखती है। गुप्त नवरात्रि की पूजा गुप्त रूप से की जाती है। मां दुर्गा की ये दस महाविद्याएं साधक को कार्य सिद्धि प्रदान करती हैं। गुप्त नवरात्रि में आप भी मां की दस महाविद्याओं का पूजन और मंत्र जाप करके उनकी कृपा प्राप्त कर सकते हैं। ये दस विद्याएं इस प्रकार है- काली, तारा, षोडशी, त्रिपुरसुन्दरी, भुवनेश्वरी, छिन्नमस्ता, भैरवी, धूमावती, बगला, मातंगी, कमला। तो चलिए जानते हैं इनके बीज मंत्र....
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माघ गुप्त नवरात्रि 2021 मां काली
माता काली
मां दुर्गी का दस महाविद्याओं में काली को प्रथम महाविद्या के रूप में पूजा जाता है। ये साधक को समस्त सिद्धि प्रदान करने वाली हैं। सिद्धि प्राप्ति, विजय प्राप्ति आदि के लिए इनकी पूजा की जाती है। माता काली का स्वाभाव बहुत जी जल्दी रूष्ट और बहुत ही जल्दी प्रसन्न होने वाला है। साधक को एकनिष्ठता और पवित्र मन से इनकी आराधना करनी चाहिए। मां काली की कृपा प्राप्त करने के लिए उक्त मंत्र का जाप करें।

'ॐ क्रीं क्रीं क्रीं ह्रीं ह्रीं हूं हूं दक्षिण कालिके क्रीं क्रीं क्रीं ह्रीं ह्रीं हूं हूं स्वाहा।
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माघ गुप्त नवरात्रि 2021 तारा देवी
तारा देवी
इन्हों तांत्रिको की मुख्य देवी माना जाता है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार सर्वप्रथम महर्षि वशिष्ठ ने देवी तारा की आराधना की थी। मान्यताओं के अनुसार इन्ही की आराधना करके महर्षि वशिष्ठ ने सिद्धियां प्राप्त की थी। इनकी आराधना करने से साधक को आर्थिक उन्नति और मोक्ष की प्राप्ति होती है। इनका आराधना मंत्र...

'ॐ ऐं ओं क्रीं क्रीं हूं फट्।'

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माघ गुप्त नवरात्रि 2021 षोडशी देवी
माता षोडशी या त्रिपुर सुंदरी
गुप्त नवरात्रि में दुर्गा की दसमहाविद्याओं में से त्रिपुरासुन्दरी भी एक हैं। दस महाविद्याओं में से ये तीसरी महाविद्या हैं। माता त्रिपुर सुंदरी को ललिता, लीलावती, लीलामती, ललिताम्बिका, लीलेशी, लीलेश्वरी, राज राजेश्वरी भी कहा जाता है। इनकी आराधना करने से साधक को हर सफलता की प्राप्ति होती है। गुप्त नवरात्रि के दौरान इस मंत्र के द्वारा मां षोडशी की पूजा करके उनकी कृपा प्राप्त की जा सकती है। इनका मंत्र इस प्रकार है।   

1. 'श्री ह्रीं क्लीं ऐं सौ: ॐ ह्रीं क्रीं कए इल ह्रीं सकल ह्रीं सौ: ऐं क्लीं ह्रीं श्रीं नम:।'
 2. ऐं ह्नीं श्रीं त्रिपुर सुंदरीयै नम:
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माघ गुप्त नवरात्रि 2021 भुवनेश्वरी देवी
भुवनेश्वरी
माता भुवन्श्वरी को शताक्षी और शाकम्भरी नाम से भी जाना जाता है। इनकी पूजा से साधक को सूर्य के तेज समान ऊर्जा की प्राप्ति होती है। संतान प्राप्ति के लिए माता भुवनेश्वरी की आराधना बहुत शुभफलदायी मानी जाती है। इनकी पूजा का मंत्र इस प्रकार से है।

'ॐ ह्रीं श्रीं क्लीं ऐं सौ: भुवनेश्वर्ये नम: या ह्रीं।'
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माघ गुप्त नवरात्रि 2021 छिन्नमस्तिका
छिन्नमस्ता 
माता छिन्नमस्ता के स्वरूप में उनका मस्तक कटा हुआ है और एक हाथ में कटार तो दूसरे हाथ में कटा हुआ मस्तक है, इनके गले से रक्त की तीन धाराएं से सुशोभित हो रही हैं। इन्हें प्रचंड चंडिका भी कहा जाता है ये साधक के उसकी उपासना के अनुसार दर्शन देती हैं। माना जाता है कि उग्र स्वरूप में पूजा करने पर इनके उग्र स्वरूप के दर्शन होते हैं और शांत स्वरूप में उपासना करने पर इनके शांत स्वरूप के दर्शन होते हैं। इनकी उपासाना साधक की सभी चिंताएं दूर होती हैं। यही कारण है कि इन्हें चिंतपूरनी भी कहा जाता है। इनकी साधना के लिए इनके मूल मंत्र का जाप कर सकते हैं।

'श्री ह्रीं क्लीं ऐं वज्र वैरायनीये हूं हूं फट् स्वाहा।'
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माघ गुप्त नवरात्रि 2021 भैरवी देवी
भैरवी
दसमहाविद्याओं में से ये छठी महाविद्या हैं। इनकी उपासना से साधक को सभी बंधनों से मुक्ति प्राप्त होती है। लोग ऐश्वर्य प्राप्ति, रोग-शांति, त्रैलोक्य विजय व आर्थिक उन्नति की बाधाएं दूर करने के लिए इनकी आराधना करते हैं। गुप्त नवरात्रि में इनकी साधना का मूल मंत्र इस प्रकार है।

'ह स: हसकरी हसे।

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माघ गुप्त नवरात्रि 2021 धूमावती माता
धूमावती
धूमावती माता की साधना से साधक को अभाव और संकटों से मुक्ति प्राप्त होती है। ये माता पार्वती का ही स्वरूप हैं। इनकी साधना तांत्रिको द्वारा तो की ही जाती है। साधारण जन भी इनकी पूजा से कष्टों से मुक्ति प्राप्त कर सकते हैं। ऋग्वेद में इन्हें 'सुतरा' कहा गया है। इनकी आराधना का मंत्र इस प्रकार से है।

'धूं धूं धूमावती ठ: ठ:।'

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माघ गुप्त नवरात्रि 2021 बगलामुखी देवी

बगलामुखी

मां बगलामुखी स्तंभन की अधिष्ठात्री देवी हैं। इनकी साधना से भय, शत्रु बाधा से मुक्ति पाप्त होती है। वाक् सिद्धि और राजनीतिक के क्षेत्र में सफलता प्राप्त करने के लिए इनकी आराधना की जाती है। कहा जाता है कि महाभारत युद्ध में विजय प्राप्ति के लिए धर्मराज युधिष्ठिर ने इन्हीं की आराधनी की थी। मां बगलामुखी की आराधना से व्यक्ति को हर क्षेत्र में सफलता प्राप्त होती है। 

'ॐ ह्लीं बगलामुखी सर्वदुष्टानां वाचं मुखं पदं स्तम्भय, जिव्हा कीलय, बुद्धिं विनाश्य ह्लीं ॐ स्वाहा।'

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माघ गुप्त नवरात्रि 2021 मातंगी देवी
मातंगी
गुप्त नवरात्रि की दस महाविद्याओं में से मां मातंगी नवीं महाविद्या हैं। शीघ्र विवाह, सुखी गृहस्थ जीवन की कामना से इनकी पूजा की जाती है। मान्यता है कि इनकी पूजा से न केवल गृहस्थ जीवन सुखमय होता है बल्कि साधक को खेल, कला गीत-संगीत आदि के क्षेत्र में भी सिद्धि प्राप्त होती है। 

 'श्री ह्रीं क्लीं हूं मातंग्यै फट् स्वाहा।'
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माघ गुप्त नवरात्रि 2021 कमला देवी
कमला देवी
गुप्त नवरात्रि में मां कमला की साधना दसवीं महाविद्या के रूप में की जाती है। ये परम सौभाग्य प्रदात्री हैं। मान्यता है कि इनकी उपासना से साधक को समृद्धि, धन, नारी, पुत्र की प्राप्ति होती है। इनकी आराधना का मंत्र इस तरह से है।
 
'ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं कमले कमलालये प्रसीद-प्रसीद श्रीं ह्रीं श्रीं महालक्ष्म्यै नम:।'
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