Lohri
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आधुनिक समय में लोहड़ी कैसे मानते हैं?
आज भी लोहड़ी का त्योहार भव्य और जीवंत बना हुआ है। शाम को लोग अलाव जलाकर लोकगीत गाते हैं, भांगड़ा और गिद्दा जैसे पारंपरिक नृत्य करते हैं और गुड़ रेवड़ी बांटते हैं। तिल, गुड़, पॉपकॉर्न और मूंगफली जैसी चीज़ों को आभार के तौर पर अग्नि में डाला जाता है। इस अवसर पर मक्की की रोटी, सरसों का साग, तिल के लड्डू, गज्जक और रेवड़ी तैयार किए जाते हैं।
नवजात शिशुओं और नवविवाहितों वाले परिवारों के लिए लोहड़ी का विशेष महत्व होता है। शिशु या विवाहित जोड़े के लिए पहली लोहड़ी विस्तृत अनुष्ठानों, आशीर्वाद और समारोहों के साथ मनाई जाती है। परिवार नए सदस्यों के लिए समृद्धि, स्वास्थ्य और खुशी की कामना करते हैं।